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चेक बाउंस के मामले में एक साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sat, 06 May 2017 10:07 PM IST
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भवदीप रावते की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी व्यक्ति को एक साल का सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से साढ़े चार लाख रुपये की धनराशि परिवादी को बतौर प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। जुर्माने की रकम न चुकाने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।
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परिवादी के वकील अनिल खंतवाल ने बताया कि महाजन मोटर्स फाइनेंस कंपनी की प्रोपराइटर सोनिया महाजन पत्नी अनिल महाजन ने वर्ष 2013 में अपने परिचित लक्ष्मण सिंह पुत्र दलीप सिंह निवासी गाड़ीघाट कोटद्वार को 3.5 लाख रुपये उधार दिए थे। लक्ष्मण सिंह ने इसके एवज में उन्हें जिला सहकारी बैंक कोटद्वार का चेक दिया था। चेक में लिखी तिथि पर जब उसे बैंक में डाला गया तो वह बाउंस हो गया।
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चेक बाउंस होने पर इसकी जानकारी विपक्षी को दी तो उसने पैसे न होने की बात कहकर बैंक में चेक डालने की अगली तिथि दे दी। अगली तिथि पर भी बैंक से चेक बाउंस हो गया। इस पर उन्होंने उक्त भुगतान नकद में करने के लिए कहा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। न्यायालय ने पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य और दोनों पक्षों को सुनने के बाद विपक्षी लक्ष्मण सिंह को दोषसिद्ध पाया और एक साल के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये की सजा से दंडित करने के आदेश दिए।
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