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चेक बाउंस के आरोपी को एक साल का कारावास
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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लैंसडौन की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड में से 5 लाख 10 हजार का मुआवजा पीड़ित को दिया जाएगा।
परिवादी के अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने बताया कि सतपुली निवासी योगेंद्र उनियाल ने आरोपी कुलदीप डंगवाल के खिलाफ गत 30 जून, 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। कहा कि दोनों एक दूसरे के अच्छे परिचित हैं। एक नवंबर, 2020 को उसने कुलदीप को 5 लाख रुपये उधार दिए। कुलदीप ने उससे वायदा किया था कि 15 दिसंबर, 2020 तक वह उक्त धनराशि लौटा देगा लेकिन तय समयावधि में भी उसने धनराशि नहीं लौटाई। इसके बाद कुलदीप ने उसे उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की सतुपली शाखा के अपने खाते के कुल धनराशि 4 लाख 60 हजार रुपये के दो चेक दिए लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कुलदीप डंगवाल को नोटिस भिजवाया, फिर भी आरोपी ने उनकी धनराशि नहीं लौटाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लैंसडौन शालिनी दादर ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।
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परिवादी के अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने बताया कि सतपुली निवासी योगेंद्र उनियाल ने आरोपी कुलदीप डंगवाल के खिलाफ गत 30 जून, 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। कहा कि दोनों एक दूसरे के अच्छे परिचित हैं। एक नवंबर, 2020 को उसने कुलदीप को 5 लाख रुपये उधार दिए। कुलदीप ने उससे वायदा किया था कि 15 दिसंबर, 2020 तक वह उक्त धनराशि लौटा देगा लेकिन तय समयावधि में भी उसने धनराशि नहीं लौटाई। इसके बाद कुलदीप ने उसे उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की सतुपली शाखा के अपने खाते के कुल धनराशि 4 लाख 60 हजार रुपये के दो चेक दिए लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कुलदीप डंगवाल को नोटिस भिजवाया, फिर भी आरोपी ने उनकी धनराशि नहीं लौटाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लैंसडौन शालिनी दादर ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।
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