20 दिन बाद भी नहीं खुली सड़क
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बीरोंखाल/कोटद्वार। पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक में 20 दिन से बंद कोटद्वार-रिखणीखाल-बीरोंखाल मार्ग यातायात के लिए नहीं खुल सका है। रिखणीखाल और बीरोंखाल के बीच घिरोली मलणा के पास पुश्ता ढहने से सड़क बाधित होने से क्षेत्र के 70 गांवों के लोगों का कोटद्वार से सीधा सड़क संपर्क ठप पड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जरूरी काम के लिए क्षेत्रवासियों को या तो कुमाऊं मंडल के रामनगर होते हुए दिल्ली-देहरादून के लिए आवाजाही करनी पड़ रही है या फिर कई किमी के फेर में दूसरे वैकल्पिक मार्ग बैजरों-पोखड़ा-सतपुली होते हुए जाना पड़ रहा है। इसमें समय और पैसा बर्बाद हो रहा है। बरसात से जिले के दूसरेे बड़े मोटर मार्गों पर भी मलबा आया है।
गत 31 जुलाई की रात भारी बारिश से क्षेत्र का प्रमुख मार्ग बीरोंखाल-कोटद्वार पर घिरोली मलणा के पास करीब पंद्रह मीटर सड़क का पुश्ता ढह गया था। तब से यहां पर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन ठप पड़ा है। कोटद्वार से बीरोंखाल जाने वाले वाहन यहां से लौट रहे हैं। तब से परिवहन व्यवस्था ट्रांसमेंट के जरिए चल रही है। दूसरी ओर वाहनों की व्यवस्था न होने से लोगों को कई किमी पैदल आगे जाना पड़ रहा है। रिखणीखाल से बीरोंखाल तक पहुंचने के लिए लोगों को वापस लौटकर लैंसडौन-जयहरीखाल-सतपुली होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही है। इसमें उन्हें साठ से सत्तर किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इसमें पैसा भी दोगुना देना पड़ रहा है। दिल्ली और देहरादून जाने वाले लोगों को रामनगर होते हुए जाना पड़ रहा है।
ब्लाक प्रमुख कविता पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य जयदीप सिंह, महिपाल सिंह व घनश्याम सिंह का कहना है कि सड़क बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि लैंसडौन डिवीजन के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण के लिए इन दिनों एडीबी आपदा खंड पौड़ी के पास है। सहायक अभियंता एडीबी पौड़ी आलोक जैन का कहना है कि यहां पर करीब पंद्रह मीटर सड़क बह गई है, जिसे नए सिरे से बनवाया जा रहा है। दो तीन दिन के अंदर यहां पर यातायात बहाल करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
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