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लाउडस्पीकर की अनुमति न मिलने से भड़के आंदोलनकारी

Sat, 05 Dec 2015 09:45 PM IST
कालागढ़/कोटद्वार
कालागढ़/कोटद्वार Updated Sat, 05 Dec 2015 09:45 PM IST
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कालागढ़ को नगर पंचायत बनाने, प्रदेशीय अभियंता संस्थान को कालागढ़ में बनाए रखने समेत क्षेत्र की 58 समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष एमएल कन्याल का आमरण अनशन चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। उधर, प्रशासन की ओर से अनशनस्थल पर लाउडस्पीकर की अनुमति न देने से कालागढ़वासी और आंदोलनकारी भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन क्षेत्रवासियों के अधिकारों पर शिकंजा कसना चाहता है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनशनकारी को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।  
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क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष एमएल कन्याल ने कहा कि वे कालागढ़वासियों के अधिकार और जनसमस्याओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शनिवार चौथे दिन भी उनका आमरण अनशन नई कालोनी गवर्नर चौराहे पर किया जा रहा है जिसके लिए लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति एसडीएम से मांगी गई थी। कालागढ़ थाने की ओर से भेजी गई गलत आख्या के आधार पर लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं मिली है। इससे पूर्व कभी ऐसा नहीं हुआ है। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जा रही है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि इसी आड़ में भविष्य में लोगों को शादी समारोहों में लाउडस्पीकर बजाने से वंचित किया जा सकता है।
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अनशनस्थल पर ध्वनि प्रसार की अनुमति न  मिलने से जनता में पुलिस व प्रशासन के खिलाफ रोष फैल रहा है। कार्बेट टाइगर  रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि कालागढ़ पुलिस ने  अपनी रिपोर्ट में एसडीएम को यह पूरा क्षेत्र कालागढ़ कार्बेट टाइगर रिजर्व के  अंतर्गत आने की बात लिखी है। जिस पर एसडीएम ने उन्हें कार्बेट प्रशासन से जानकारी मांगी थी। कार्बेट प्रशासन के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में इस  तरह की अनुमति का कोई प्राविधान नहीं होने की जानकारी दी।
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अनुमति न मिलने का यह पहला मामला
कालागढ़ में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर पहली बार अनुमति न मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने उनकी अनुमति के लिए कभी वन विभाग को नहीं लिखा। उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी की मानें तो इस बारे में जानकारी ली जा रही है कि पहले यहां इस तरह की अनुमति कौन देता था और किस प्रकार से जारी की जाती थी।
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