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नगर निगम ने व्यावसायिक कर वसूली पर लगाई रोक
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नगर निगम कोटद्वार कार्यालय में अनौपचारिक बोर्ड बैठक में शिकरत करते पार्षद।
- फोटो : KOTDWAR
कोटद्वार। नगर निगम बोर्ड की अनौपचारिक बैठक में व्यावसायिक शुल्क वसूलने के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से सौंपे गए ज्ञापनों पर चर्चा की गई। बैठक में पार्षदों ने भी व्यावसायिक कर वसूली का पुरजोर विरोध करते हुए वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। बैठक में ध्वनिमत से व्यावसायिक शुल्क समेत सभी प्रकार के शुल्क वसूली पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में पार्षदों ने कहा कि अभी लोग कोरोना संक्रमण से उबर नहीं पाए हैं। व्यापारी भी घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वर्तमान में ओमिक्रॉन का फैलाव तेजी से हो रहा है, ऐसे में मानवीयता के नाते लोगों को तात्कालिक राहत दी जानी चाहिए। पार्षदों ने व्यावसायिक शुल्क समेत सभी शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) स्थगित होने के बावजूद नगर निगम द्वारा भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए जाने के एवज में 4000 रुपये वसूल किए जाने का भी विरोध किया। बोर्ड बैठक में एनओसी शुल्क 500 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का प्रस्ताव पूर्व में पारित हो चुका है।
नगर आयुक्त केएस नेगी ने बताया कि बैठक में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया कि व्यावसायिक शुल्क या किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि व्यावसायिक शुल्क वसूली के लिए पूर्व में जारी नोटिसों पर कोई कार्रवाई न करते हुए उन्हें निरस्त समझा जाय। बैठक में भवन निर्माण के लिए जारी होने वाले एनओसी शुल्क को एक हजार रुपये रखने का निर्णय भी लिया गया। मेयर हेमलता नेगी की अध्यक्षता में हुई अनौपचारिक बोर्ड बैठक में पार्षद गीता नेगी, विपिन डोबरियाल, अमित नेगी, अनिल रावत, अनिल नेगी, नईम अहमद, सुखपाल शाह, जगदीश मेहरा, कुलदीप कांबोज, रोहणी देवी, बीना देवी, विजेता रावत, पिंकी रावत, सोनिया नेगी, गिंदी दास, अनीता मल्होत्रा, कवित्ता मित्तल, सूरज प्रसाद कांति, प्रवेंद्र सिंह रावत, आशा चौहान, कर निर्धारण अधिकारी उत्तम सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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बैठक में पार्षदों ने कहा कि अभी लोग कोरोना संक्रमण से उबर नहीं पाए हैं। व्यापारी भी घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वर्तमान में ओमिक्रॉन का फैलाव तेजी से हो रहा है, ऐसे में मानवीयता के नाते लोगों को तात्कालिक राहत दी जानी चाहिए। पार्षदों ने व्यावसायिक शुल्क समेत सभी शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) स्थगित होने के बावजूद नगर निगम द्वारा भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए जाने के एवज में 4000 रुपये वसूल किए जाने का भी विरोध किया। बोर्ड बैठक में एनओसी शुल्क 500 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का प्रस्ताव पूर्व में पारित हो चुका है।
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नगर आयुक्त केएस नेगी ने बताया कि बैठक में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया कि व्यावसायिक शुल्क या किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि व्यावसायिक शुल्क वसूली के लिए पूर्व में जारी नोटिसों पर कोई कार्रवाई न करते हुए उन्हें निरस्त समझा जाय। बैठक में भवन निर्माण के लिए जारी होने वाले एनओसी शुल्क को एक हजार रुपये रखने का निर्णय भी लिया गया। मेयर हेमलता नेगी की अध्यक्षता में हुई अनौपचारिक बोर्ड बैठक में पार्षद गीता नेगी, विपिन डोबरियाल, अमित नेगी, अनिल रावत, अनिल नेगी, नईम अहमद, सुखपाल शाह, जगदीश मेहरा, कुलदीप कांबोज, रोहणी देवी, बीना देवी, विजेता रावत, पिंकी रावत, सोनिया नेगी, गिंदी दास, अनीता मल्होत्रा, कवित्ता मित्तल, सूरज प्रसाद कांति, प्रवेंद्र सिंह रावत, आशा चौहान, कर निर्धारण अधिकारी उत्तम सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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