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लैंसडौन व घाड़ क्षेत्र के कई गांव होंगे डीडीए में शामिल
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नगर निगम सहित पूरे जिले में जहां एक ओर जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) का विरोध हो रहा है, वहीं जिला प्रशासन की ओर फतेहपुर से लैंसडौन तक के 11 राजस्व ग्राम, कोटद्वार तहसील के अंतर्गत घाड़ क्षेत्र के गोजटा, पुलिंडा, रामड़ी, चरेख और यमकेश्वर तहसील में नीलकंठ, गंगाभोगपुर और धुमाकोट को इसमें शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। लैंसडौन में एक अतिरिक्त क्षेत्रीय कार्यालय भी खोला जा रहा है।
जनवरी 2018 में जिला मुख्यालय में जिला विकास प्राधिकरण ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया। साथ ही जनपद के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की महायोजना भी तैयार की गई। साथ ही कोटद्वार, थलीसैंण व यमकेश्वर तहसील में जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए। पूर्व में जहां कोटद्वार नगर निगम, एनएच और स्टेट हाइवे के दो सौ मीटर का ही क्षेत्र जिला विकास प्राधिकरण के दायरे में है, वहीं अब डीडीए की नजर उन क्षेत्रों पर है जो तेजी से विकसित हो रहे हैं। घाड़ क्षेत्र, लैंसडौन, यमकेश्वर तहसील में नीलकंठ और धुमाकोट तहसील में इस दौरान कई होटल और ढाबे विकसित हुए हैं। डीडीए द्वारा इन क्षेत्रों को प्राधिकरण में शामिल कर सरकारी आमदनी को बढ़ाने के साथ ही अनियोजित विकास पर भी रोक लगाना है। संगठनों का आरोप है कि डीडीए में नक्शा पास कराने के लिए लोगों को जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। उधर, एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि डीडीए बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास हो चुका है। संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से डीडीए लागू किया गया है।
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जनवरी 2018 में जिला मुख्यालय में जिला विकास प्राधिकरण ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया। साथ ही जनपद के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की महायोजना भी तैयार की गई। साथ ही कोटद्वार, थलीसैंण व यमकेश्वर तहसील में जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए। पूर्व में जहां कोटद्वार नगर निगम, एनएच और स्टेट हाइवे के दो सौ मीटर का ही क्षेत्र जिला विकास प्राधिकरण के दायरे में है, वहीं अब डीडीए की नजर उन क्षेत्रों पर है जो तेजी से विकसित हो रहे हैं। घाड़ क्षेत्र, लैंसडौन, यमकेश्वर तहसील में नीलकंठ और धुमाकोट तहसील में इस दौरान कई होटल और ढाबे विकसित हुए हैं। डीडीए द्वारा इन क्षेत्रों को प्राधिकरण में शामिल कर सरकारी आमदनी को बढ़ाने के साथ ही अनियोजित विकास पर भी रोक लगाना है। संगठनों का आरोप है कि डीडीए में नक्शा पास कराने के लिए लोगों को जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। उधर, एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि डीडीए बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास हो चुका है। संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से डीडीए लागू किया गया है।
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