विज्ञान विषय पढ़ने की इच्छुक एक किशोरी को परिजनों ने कॉमर्स लेने का दबाव बनाया और उसे डांट दिया। परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर किशोरी बिना बताए फरीदाबाद से कोटद्वार पहुंच गई। किशोरी को पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कोटद्वार ने उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया।
एएचटीयू के प्रभारी एसआई रणवीर चंद्र लिंगवाल और हेड कांस्टेबल नरेश नौटियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम पुलिस को एक किशोरी (15) बस अड्डे पर घूमती दिखाई दी। संदेह होने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह बताने में कुछ आनाकानी करने लगी। पुलिस किशोरी को अपने साथ थाने ले आई और एएचटीयू को सौंप दिया। बाद में किशोरी ने बताया कि वह 11वीं कक्षा में पढ़ती है और सेक्टर-15 फरीदाबाद निवासी है। वह विज्ञान विषय पढ़ने की इच्छुक है, लेकिन परिजन उसे कॉमर्स विषय की पढ़ाई के लिए दबाव बना रहे थे। परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर वह घर से बिना बताए 20 अप्रैल को गुरुग्राम होते हुए सुबह तीन बजे कोटद्वार पहुंची। यहां से वह 21 अप्रैल को हरिद्वार गई और शाम को कोटद्वार लौट आई। एएचटीयू ने किशोरी के बताए पते पर संपर्क करने के लिए एएचटीयू फरीदाबाद के एएसआई अमर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने किशोरी के कोटद्वार में होने की सूचना किशोरी के परिजनों को दी। बृहस्पतिवार को विवेचना अधिकारी अशोक कुमार के साथ किशोरी के पिता कोटद्वार पहुंचे। यहां एएचटीयू ने किशोरी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।