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Kotdwar News: केटीआर का वतनवासा और पाखरो जोन पर्यटकों से गुलजार
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कोटद्वार। प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव बाहुल्य के लिए विख्यात कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) का सोनानदी वन्यजीव विहार पर्यटकों से गुलजार हो गया है। शनिवार को कोटद्वार से इसके वतनवासा-हल्दूपड़ाव और पाखरो जोन के लिए जिप्सी सफारी से 43 पर्यटक पहुंचे। वन्यजीवों को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे।
शनिवार से केटीआर के वतनवासा-हल्दूपड़ाव जोन और पाखरो जोन पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। कोटद्वार से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पाखरो जोन के गेट पर रेंज अधिकारी आशीष मोहन तिवारी और कर्मचारियों ने पहले दिन पहुंचे पर्यटकों का स्वागत किया।
वतनवासा जोन में रेंज अधिकारी अमोल इष्टवाल के नेतृत्व में वन कर्मियों ने पर्यटकों का स्वागत कर उन्हें प्रवेश कराया। दोनों पर्यटन जोन के लिए कोटद्वार के रिसेप्शन सेंटर से जिप्सी सफारी रवाना हुई। रेंज अधिकारी ने बताया कि पहले ही दिन पर्यटक वन्यजीवों के दीदार कर रोमांचित हो उठे।
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केटीआर के डीएफओ तरूण एस ने बताया कि केटीआर का सोनानदी वन्यजीव विहार प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही विभिन्न वन्यजीवों का पसंदीदा बास एवं विचरण स्थल है। यहां के दोनों जोन पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं। कोटद्वार से वतनवासा 47 किमी. और हल्दूपड़ाव 57 किमी की दूरी पर है। दोनों पर्यटन जोन अगले साल 15 जून तक के लिए खुले रहेंगे। यहां आने और घूमने के इच्छुक पर्यटकों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।
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शनिवार से केटीआर के वतनवासा-हल्दूपड़ाव जोन और पाखरो जोन पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। कोटद्वार से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पाखरो जोन के गेट पर रेंज अधिकारी आशीष मोहन तिवारी और कर्मचारियों ने पहले दिन पहुंचे पर्यटकों का स्वागत किया।
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वतनवासा जोन में रेंज अधिकारी अमोल इष्टवाल के नेतृत्व में वन कर्मियों ने पर्यटकों का स्वागत कर उन्हें प्रवेश कराया। दोनों पर्यटन जोन के लिए कोटद्वार के रिसेप्शन सेंटर से जिप्सी सफारी रवाना हुई। रेंज अधिकारी ने बताया कि पहले ही दिन पर्यटक वन्यजीवों के दीदार कर रोमांचित हो उठे।
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केटीआर के डीएफओ तरूण एस ने बताया कि केटीआर का सोनानदी वन्यजीव विहार प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही विभिन्न वन्यजीवों का पसंदीदा बास एवं विचरण स्थल है। यहां के दोनों जोन पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं। कोटद्वार से वतनवासा 47 किमी. और हल्दूपड़ाव 57 किमी की दूरी पर है। दोनों पर्यटन जोन अगले साल 15 जून तक के लिए खुले रहेंगे। यहां आने और घूमने के इच्छुक पर्यटकों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।