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अंगणी गांव में आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शिकारी दल हुआ तैनात.
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Hunters stationed to kill man-eating Guldar
- फोटो : KOTDWAR
रिखणीखाल ब्लाक के अंगणी गांव में 25 जनवरी की रात को गुलदार द्वारा एक पूर्व सैनिक को जान से मारने के बाद क्षेत्रीय जनता की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया है। प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) राजीव भरतरी ने गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ संतराम को एक माह के अंदर गुलदार को मारने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने गुलदार को मारने के लिए अंगणी गांव में शिकारी दल को तैनात कर दिया है।
25 जनवरी को रिखणीखाल ब्लाक के अंगणी गांव निवासी पूर्व सैनिक प्रवीन सिंह (55) पुत्र राजेंद्र सिंह निकटवर्ती ग्राम मनीगांव में किसी परिचित के गए थे। 25 जनवरी की रात करीब दस बजे वे अपने गांव लौट रहे थे। तभी रास्ते मेें झाड़ी के अंदर घात लगाकर बैठे गुलदार ने उनपर हमला मौत के घाट उतार दिया था । अगले दिन गुलदार ने अंगणी गांव से तीन किमी दूर सनेता गांव के पास सड़क कार्य में लगे नेपाली श्रमिकों के डेरे में हमला कर दिया। तब से क्षेत्र में गुलदार की लगातार धमक से लोगों दहशत बनी हुई है।
अंगणी गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत और एडवोकेट जितेंद्र सिंह चौहान ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित करने और क्षेत्रीय ग्रामीणों की ओर से एसडीएम लैंसडौन को ज्ञापन देकर गुलदार को मारने की मांग की गई। जिसके बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) ने मामले में कार्रवाई करते हुए छह फरवरी को गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया। गढ़वाल वन प्रभाग ने प्रमुख वन संरक्षक के निर्देश का पालन करते हुए अंगणी गांव के आदमखोर गुलदार को मारने के लिए प्रसिद्ध शिकारी जॉय हुकिल की टीम को तैनात कर दिया गया है।
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25 जनवरी को रिखणीखाल ब्लाक के अंगणी गांव निवासी पूर्व सैनिक प्रवीन सिंह (55) पुत्र राजेंद्र सिंह निकटवर्ती ग्राम मनीगांव में किसी परिचित के गए थे। 25 जनवरी की रात करीब दस बजे वे अपने गांव लौट रहे थे। तभी रास्ते मेें झाड़ी के अंदर घात लगाकर बैठे गुलदार ने उनपर हमला मौत के घाट उतार दिया था । अगले दिन गुलदार ने अंगणी गांव से तीन किमी दूर सनेता गांव के पास सड़क कार्य में लगे नेपाली श्रमिकों के डेरे में हमला कर दिया। तब से क्षेत्र में गुलदार की लगातार धमक से लोगों दहशत बनी हुई है।
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अंगणी गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत और एडवोकेट जितेंद्र सिंह चौहान ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित करने और क्षेत्रीय ग्रामीणों की ओर से एसडीएम लैंसडौन को ज्ञापन देकर गुलदार को मारने की मांग की गई। जिसके बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) ने मामले में कार्रवाई करते हुए छह फरवरी को गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया। गढ़वाल वन प्रभाग ने प्रमुख वन संरक्षक के निर्देश का पालन करते हुए अंगणी गांव के आदमखोर गुलदार को मारने के लिए प्रसिद्ध शिकारी जॉय हुकिल की टीम को तैनात कर दिया गया है।
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