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सरकारी मुआवजा राशि मंजूर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
Updated Tue, 22 Nov 2016 10:45 PM IST
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्राडगेज रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत जनपद के प्रभावित होने वाले गांवों की प्रस्तावित नाप एवं सिविल भूमि के मूल्यांकन किए जाने के लिए मंगलवार को विकास भवन में सीडीओ डा. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में बैठक हुई। प्रभावितों की ओर से बैठक में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने सरकार की ओर से 44 हजार रुपये प्रति नाली मुआवजा दिए जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। प्रति नाली ढाई लाख से अधिक का मुआवजा दिए जाने की मांग उठी।
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डुंगरीपंथ के ग्राम प्रधान त्रिभुवन सिंह राणा ने कहा कि प्रस्तावित रेल लाइन निर्माण से कई परिवार दोबारा विस्थापन की मार झेलेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा के अधिकांश ग्रामीणों की अधिकतर कृषि भूमि व आवासीय भवनों को श्रीनगर जल विद्युत कंपनी (जीवीके) ने 330 मेगावाट जल विद्युत परियोजना के निर्माण में अधिगृहित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पहले जीवीके की ओर से ढाई लाख रुपये प्रति नाली मुआवजा दिया गया था। अब इन्हेें इससे अधिक मुआवजा राशि दी जाए।
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बैठक में डा. एमपीएस चौहान, सिविल इंजीनियर घुड़दौड़ी कालेज, एचएनबी कैंपस पौड़ी के सहायक प्रो. प्रशांत कंडारी, एचएनबी केंद्रीय विवि श्रीनगर के प्रो. जेपी पचौरी, ग्राम प्रधान खेड़ा सौंड़ राखी देवी, ग्राम प्रधान जनासू सुरेंद्र सिंह लिंगवाल, जिला पंचायत सदस्य गजेली प्रकाश बुटोला, जिला पंचायत सदस्य कोट केशर सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
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