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गढ़वाली को दें मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान
कोटद्वार
Updated Sat, 26 Dec 2015 08:32 PM IST
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उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री से पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान देने की मांग की है।
कहा कि गढ़वाली ने सेना का अनुशासित सिपाही होने के बावजूद निहत्थे भारतीयों पर गोली चलाने से इनकार कर अहिंसक आंदोलन को आगे बढ़ाया। अंग्रेजों के सामने उन्होंने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह वास्तव में वीरचंद्र सिंह गढ़वाली ही दे सकता था। कहा कि गढ़वाली भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं। देश को उनका सम्मान करना चाहिए। देवभूमि नशाबंदी समिति के अध्यक्ष गोविंद डंडरियाल, पदमपुर सुखरौ के प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी समेत संगठनों से जुड़े लोगों ने वीरचंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की मांग की है।
जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति के पंकज बवाड़ी, क्षेत्रीय विकास समिति देवीखेत डबरालस्यूं के अध्यक्ष बीएस रावत, गढ़वाली स्मृति एवं स्मारक समिति के महासचिव सीपी नैथानी, जितेंद्र नेगी और रजत भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को भी इस बात को प्रमुखता से केंद्र के सम्मुख रखना चाहिए।
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कहा कि गढ़वाली ने सेना का अनुशासित सिपाही होने के बावजूद निहत्थे भारतीयों पर गोली चलाने से इनकार कर अहिंसक आंदोलन को आगे बढ़ाया। अंग्रेजों के सामने उन्होंने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह वास्तव में वीरचंद्र सिंह गढ़वाली ही दे सकता था। कहा कि गढ़वाली भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं। देश को उनका सम्मान करना चाहिए। देवभूमि नशाबंदी समिति के अध्यक्ष गोविंद डंडरियाल, पदमपुर सुखरौ के प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी समेत संगठनों से जुड़े लोगों ने वीरचंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की मांग की है।
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जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति के पंकज बवाड़ी, क्षेत्रीय विकास समिति देवीखेत डबरालस्यूं के अध्यक्ष बीएस रावत, गढ़वाली स्मृति एवं स्मारक समिति के महासचिव सीपी नैथानी, जितेंद्र नेगी और रजत भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को भी इस बात को प्रमुखता से केंद्र के सम्मुख रखना चाहिए।
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