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वन गुर्जरों की झोपड़ियां जली, 22 सदस्यीय परिवार बेघर
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लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के अंतर्गत सुखरौ बीट में वन गुर्जरों की झोपड़ियां जल गई, जिससे 22 सदस्यीय गुर्जर परिवार बेघर हो गया है। वन गुर्जरों ने वन विभाग पर उनकी झोपड़ी जलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर वन अधिकारी ने आरोपों को निराधार बताया है।
वन गुर्जर मस्तू पुत्र इलमद्दीन और उसके चार बेटों कासिम, यामीन, गुलामनवी और सुलेमान का कहना है कि उनका परिवार पिछले छह माह से घराट-मुंडला मार्ग पर करीब चार किमी उत्तर दिशा में सुखरो के जंगल में झोपड़ियां बनाकर रह रहा है। बताया कि सोमवार दोपहर कोटद्वार रेंज से कुछ वन कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना नोटिस के उन्हें झोपड़ी खाली करने को धमकाने लगे। बाद में उनका सामान जब्त भी कर लिया। कहा कि डेर के बाहर बंधे हुए चार मवेशी और छह मुर्गे भी वन कर्मियों ने खोलकर जंगल में खदेड़ दिए। आरोप लगाया कि इसके बाद वन कर्मियों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी। मंगलवार शाम को पीड़ित परिवारों के लोग कोटद्वार के लालपुर पहुंचे और वार्ड नंबर 19 की भाजपा पार्षद लीला कर्णवाल को आपबीती सुनाई। पार्षद उन्हें लेकर रेंज कार्यालय गई, लेकिन वहां वन कर्मियों ने उनकी भी नहीं सुनी। बाद में वन कर्मी उन्हें डीएफओ से वार्ता के लिए डीएफओ कार्यालय में ले गए। वन गुर्जरों ने बताया कि झोपड़ी में रखी 38 हजार रुपये की धनराशि भी जल गई।
कुछ वन गुर्जर बिना अनुमति के सुखरो के जंगल में जबरदस्ती डेरा बना रहे थे। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हटा दिया है, जिससे गुस्साएं वन गुर्जरों ने खुद ही झोपड़ी जला डाली हैं। वन विभाग ने झोपड़ी नहीं जलाई। - बीबी शर्मा, रेंज अधिकारी कोटद्वार
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वन गुर्जर मस्तू पुत्र इलमद्दीन और उसके चार बेटों कासिम, यामीन, गुलामनवी और सुलेमान का कहना है कि उनका परिवार पिछले छह माह से घराट-मुंडला मार्ग पर करीब चार किमी उत्तर दिशा में सुखरो के जंगल में झोपड़ियां बनाकर रह रहा है। बताया कि सोमवार दोपहर कोटद्वार रेंज से कुछ वन कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना नोटिस के उन्हें झोपड़ी खाली करने को धमकाने लगे। बाद में उनका सामान जब्त भी कर लिया। कहा कि डेर के बाहर बंधे हुए चार मवेशी और छह मुर्गे भी वन कर्मियों ने खोलकर जंगल में खदेड़ दिए। आरोप लगाया कि इसके बाद वन कर्मियों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी। मंगलवार शाम को पीड़ित परिवारों के लोग कोटद्वार के लालपुर पहुंचे और वार्ड नंबर 19 की भाजपा पार्षद लीला कर्णवाल को आपबीती सुनाई। पार्षद उन्हें लेकर रेंज कार्यालय गई, लेकिन वहां वन कर्मियों ने उनकी भी नहीं सुनी। बाद में वन कर्मी उन्हें डीएफओ से वार्ता के लिए डीएफओ कार्यालय में ले गए। वन गुर्जरों ने बताया कि झोपड़ी में रखी 38 हजार रुपये की धनराशि भी जल गई।
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कुछ वन गुर्जर बिना अनुमति के सुखरो के जंगल में जबरदस्ती डेरा बना रहे थे। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हटा दिया है, जिससे गुस्साएं वन गुर्जरों ने खुद ही झोपड़ी जला डाली हैं। वन विभाग ने झोपड़ी नहीं जलाई। - बीबी शर्मा, रेंज अधिकारी कोटद्वार
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