पर्वतीय लोक संस्कृति से जुड़ा इगास पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। कोटद्वार, यमकेश्वर, दुगड्डा, जयहरीखाल, बीरोंखाल, नैनीडांडा, रिखणीखाल क्षेत्रों में देर शाम तक लोग इगास पर्व को मनाने के लिए जुटे रहे। बीरोंखाल के रसिया महादेव के ग्राम जमरिया सीली मल्ली में शीतल सिंह चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इगास महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। यहां रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया
जमरिया सीली मल्ली में गत चार साल से चला आ रहा रंगारंग इगास महोत्सव इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सरोबार रहा। लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन के उद्देश्य से इस बार भी क्षेत्रीय स्तर पर लोक गीत-नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 17 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में ग्राम नैल अल्मोड़ा ने प्रथम, गौलीखाल नैनीडांडा ने द्वितीय व ग्राम सीली तल्ली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रसिया महादेव की टीम को सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा हेतु पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध संगीत निर्देशिका डॉ माधुरी बड़थ्वाल, लोक गायिका रेखा धस्माना उनियाल, साहित्यकार व रंगकर्मी डॉ सतीश कालेश्वर, लोक गायक सतेंद्र व गढ़वाली साहित्यकार गिरीश सुंदरियाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। गढ़वाली साहित्यकार धर्मेन्द्र सिंह नेगी ने कार्यक्रम का संचालन किया। आचार्य रमेश बड़ोला, प्रमोद शर्मा, अनिल ध्यानी, सुदर्शन बड़ोला व विकास भदूला ने संगीत में अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विजय चौधरी, चन्द्रमोहन सिंह रावत, चन्द्रकान्त नेगी, सतेंद्र चौधरी, अनूप चौधरी, विवेक चौधरी, कोयल त्रिपाठी ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।

बीरोंखाल के ग्राम जमरिया सीली मल्ली में ईगास पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते लोक कल- फोटो : KOTDWAR