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प्रतिबंधित लकड़ी ले जा रहे पांच तस्कर दबोचे, दो कार सीज
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कोटद्वार/सतपुली। पुलिस और लैंसडौन वन प्रभाग की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित कांजल मैपल की लकड़ी की बड़ी खेप ले जा रहे पांच तस्करों को सतपुली में धर दबोचा गया। तस्कर 317 किलो लकड़ी को दो कारों से चौबट्टाखाल क्षेत्र के गवाणी से देहरादून ले जा रहे थे। गिरफ्तार तीन तस्कर नेपाली मूल के हैं और कार ड्राइवर ऋषिकेश के हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लकड़ी की कीमत चार लाख रुपये बताई जा रही है।
प्रभारी थानाध्यक्ष लक्ष्मी सकलानी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना सतपुली पुलिस और वन विभाग के संयुक्त अभियान में एनएच 534 पर सतपुली पुल के पास दो कारों की तलाशी ली। उनमें 317 किलो प्रतिबंधित कांजल मैपल की लकड़ी पाई गई। लकड़ी ले जा रहे लोगों से पूछताछ करने पर वे दस्तावेज नहीं दिखा सके। इस पर वन कर्मियों और पुलिस ने धींगा पोस्ट धारापूरी तहसील धारापुरी जिला छुमला नेपाल निवासी कोंग्री तमांग पुत्र तुंगदुप तमांग, प्रकाश तमांग पुत्र सुनाम तमांग, दिल बहादुर तमांग पुत्र रमेश तमांग और इंद्रानगर ऋषिकेश निवासी कार चालक हेमेंद्र सिंह पुत्र राम सिंह और शिवाजी नगर ऋषिकेश निवासी दूसरा चालक कमल सिंह पुत्र किशनलाल को गिरफ्तार कर लिया।
लैंसडौन रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि लकड़ी बहुत कीमती है। इसका प्रयोग लकड़ी के बर्तन बनाने व अन्य औषधीय प्रयोजनों में किया जाता है। नेपाल, चीन और तिब्बत में उक्त लकड़ी की भारी डिमांड है। बरामद लकड़ी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक हजार से 15 सौ रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है। पकड़े गए व्यक्तियों के अनुसार वे लकड़ी चौबट्टाखाल क्षेत्र अंतर्गत गवाणी के पास झलपाड़ी गांव से लेकर आ रहे थे। इसे उन्हें देहरादून और उसके बाद नेपाल लेकर जाना था। बरामद लकड़ी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर कटोरों का रूप दिया गया था। दोनों कारें सीज कर दी गई हैं। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस एवं वन विभाग की टीम में उपनिरीक्षक लक्ष्मी सकलानी, आरक्षी मोहित, भीष्म शाह, सुनील कुमार, मनोज कुमार, वन उपनिरीक्षक मदन सिंह नेगी वे वन बीट आरक्षी कुलदीप सिंह शामिल थे।
-फोटो
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प्रभारी थानाध्यक्ष लक्ष्मी सकलानी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना सतपुली पुलिस और वन विभाग के संयुक्त अभियान में एनएच 534 पर सतपुली पुल के पास दो कारों की तलाशी ली। उनमें 317 किलो प्रतिबंधित कांजल मैपल की लकड़ी पाई गई। लकड़ी ले जा रहे लोगों से पूछताछ करने पर वे दस्तावेज नहीं दिखा सके। इस पर वन कर्मियों और पुलिस ने धींगा पोस्ट धारापूरी तहसील धारापुरी जिला छुमला नेपाल निवासी कोंग्री तमांग पुत्र तुंगदुप तमांग, प्रकाश तमांग पुत्र सुनाम तमांग, दिल बहादुर तमांग पुत्र रमेश तमांग और इंद्रानगर ऋषिकेश निवासी कार चालक हेमेंद्र सिंह पुत्र राम सिंह और शिवाजी नगर ऋषिकेश निवासी दूसरा चालक कमल सिंह पुत्र किशनलाल को गिरफ्तार कर लिया।
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लैंसडौन रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि लकड़ी बहुत कीमती है। इसका प्रयोग लकड़ी के बर्तन बनाने व अन्य औषधीय प्रयोजनों में किया जाता है। नेपाल, चीन और तिब्बत में उक्त लकड़ी की भारी डिमांड है। बरामद लकड़ी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक हजार से 15 सौ रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है। पकड़े गए व्यक्तियों के अनुसार वे लकड़ी चौबट्टाखाल क्षेत्र अंतर्गत गवाणी के पास झलपाड़ी गांव से लेकर आ रहे थे। इसे उन्हें देहरादून और उसके बाद नेपाल लेकर जाना था। बरामद लकड़ी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर कटोरों का रूप दिया गया था। दोनों कारें सीज कर दी गई हैं। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस एवं वन विभाग की टीम में उपनिरीक्षक लक्ष्मी सकलानी, आरक्षी मोहित, भीष्म शाह, सुनील कुमार, मनोज कुमार, वन उपनिरीक्षक मदन सिंह नेगी वे वन बीट आरक्षी कुलदीप सिंह शामिल थे।
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