फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   नगीना के सपा विधायक मनोज पारस की जमानत खारिज

नगीना के सपा विधायक मनोज पारस की जमानत खारिज

Fri, 17 Nov 2017 10:54 PM IST
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
नगीना के सपा विधायक मनोज पारस की जमानत खारिज
कोटद्वार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह की अदालत ने उत्तर प्रदेश के सपा विधायक मनोज पारस की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। सपा विधायक ने गत 14 नवंबर को पौड़ी में एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। बचाव पक्ष की ओर से विधायक की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी, जिसे डीजे कोर्ट ने एडीजे कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था।
विज्ञापन

शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने बताया कि मनोज पारस वर्तमान में यूपी की नगीना सीट से विधायक हैं। उन पर कुछ साथियों संग मिलकर 17 जनवरी, 2013 की रात को लक्ष्मणझूला के एक होटल में ठहरे जिला पंचायत सदस्यों के कमरों में जबरन घुसकर उनके साथ मारपीट, गाली गलौज और अपहरण का आरोप है। उनके खिलाफ थाना लक्ष्मणझूला में बिजनौर के जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने सपा विधायक मनोज पारस के खिलाफ वारंट जारी किए थे। उत्तराखंड पुलिस मनोज पारस की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। गत मंगलवार को मनोज पारस ने सीजेएम पौड़ी की अदालत में सरेंडर करते हुए जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। इस मामले में सपा सरकार में मंत्री रहे मूलचंद चौहान, उनके बेटे अमित चौहान, कपिल, रजा अली परवेज, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, शेरबाज पठान, पूर्व सपा सांसद नगीना यशवीर धोबी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी के पति रफी सैफी आदि सपा नेताओं को भी कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा था। बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन

शुक्रवार को एडीजे कोर्ट ने विधायक मनोज पारस की जमानत याचिका पर सुनवाई की, जिसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से विधायक की जमानत के लिए दाखिल पत्रावलियों को कोर्ट ने अपर्याप्त आधार माना। हाईकोर्ट ने विधायक को दो सप्ताह के अंदर सरेंडर के आदेश दिए थे, लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुए। विधायक की ओर से शुक्रवार को बीमारी की बात कहकर मेडिकल भी दाखिल किया गया, जिसे कोर्ट ने नहीं माना और जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed