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Kotdwar News: 62 बीघा भूमि खाली कराने के लिए अब नगर निगम को कोर्ट के फैसले का इंतजार

Sat, 23 Mar 2024 01:04 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2024 01:04 PM IST
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Corporation is now waiting for the court's decision to vacate 62 bighas of land.

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कोटद्वार। नगर निगम प्रशासन को लकड़ीपड़ाव स्थित 62 बीघा भूमि खाली कराने के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार है। निगम की ओर से गत सितंबर माह में उक्त भूमि का सीमांकन कार्य शुरू किया गया था। सीमांकन कार्य पूरा होने के बाद नगर निगम इस भूमि का प्लेन टेबल सर्वे भी कर चुकी है। निगम के अधिकारियों की मानें तो कोर्ट का फैसला आते ही उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया जाएगा।
खाम भाबर के जमाने में लकड़ीपड़ाव मोहल्ले में करीब 62 बीघा भूमि लीज पर दी गई थी। बाद में संबंधित पक्ष ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति यह भूमि विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय कर दी। मामला शासन में पहुंचा, तो लीज निरस्त हो गई। जिस पर पट्टेदार ने न्यायालय की शरण ली। विभिन्न न्यायालयों में मामला नगर पालिका के पक्ष में रहा, लेकिन तब पालिका भूमि को खाली नहीं करा सकी। एक ओर सुनवाई चलती रही। वहीं दूसरी ओर भूमि पर निर्माण कार्य जारी रहे। करीब छह वर्ष पूर्व तक निगम की इस भूमि पर करीब 40 कब्जेदार थे। इसमें नगर के कई रसूखदार के अलावा कई बाहरी व्यक्ति भी शामिल हैं। इस बीच सितंबर, 2023 में नगर निगम प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने राजस्व विभाग के नक्शे के आधार पर लकड़ीपड़ाव स्थित 62 बीघा भूमि का चिह्नीकरण का कार्य शुरू किया। सीमांकन के दौरान राजस्व विभाग के नक्शे से मिलान के बाद उक्त भूमि के सीमांकन में कुछ भिन्नताएं पाई गईं। इसके बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से प्लेन टेबल सर्वे का निर्णय लिया गया। प्लेन टेबल सर्वे के बाद यथा स्थिति बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से अस्थायी अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। इस बीच लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से मामला अधर में लटक गया।
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उक्त भूमि पर यथा स्थिति बनाए रखने के लिए सीमांकन का कार्य किया गया था। साथ ही अस्थायी अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस भी जारी किए गए थे। वर्तमान में आचार संहिता लागू होने के कारण अस्थायी अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका है। कोर्ट में सुनवाई भी फाइनल स्टेज पर है। वादी की मौत के बाद उनके परिजनों की ओर से कोर्ट में उन्हें पक्षकार बनाने के लिए आवेदन किया गया है। उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही फाइनल सुनवाई कर इस मामले में फैसला सुनाएगी।
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- वैभव गुप्ता, नगर आयुक्त कोटद्वार
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