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आपसी संघर्ष में हुई गर्भवती हथिनी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Mon, 23 Jan 2017 10:42 PM IST
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हाथ्ाी
- फोटो : अमर उजाला
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कोटद्वार/किशनपुर। लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज के अंतर्गत सिगड्डी ब्लाक में आपसी संघर्ष में 12 वर्षीय एक मादा हाथी की मौत हो गई। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर दफना दिया है।
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लालढांग रेंज अधिकारी रमेश चंद्र कुकरेती ने बताया कि सोमवार को करीब नौ बजे सुबह लालढांग रेंज के कंपार्टमेंट नंबर 20 में गश्त के दौरान वनकर्मियों ने हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनी। पास जाने पर उन्होंने एक स्थान पर नीचे गिरे हुए एक हाथी के पास हाथियों के झुंड को देखा। हाथियों के जाने के बाद वे करीब गए तो उन्होंने एक युवा हथिनी को मरा हुआ पाया। वन कर्मियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने शव की जांच की और पोस्टमार्टम करवाकर शव वहीं दफना दिया है।
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पोस्टमार्टम करने पहुंची पशु चिकित्साधिकारी मंजू पाल ने बताया कि हथिनी की उम्र करीब बारह से तेरह वर्ष की है। हथिनी के शरीर पर दांत के घुसने के गहरे निशान पाए गए हैं। इससे प्रथम दृष्टया लग रहा है कि हथिनी की मौत आपसी संघर्ष में हुई है। पोस्टमार्टम के दौरान हथिनी के गर्भ में करीब तेरह महीने का बच्चा मिला है। हाथी की मौत एक दिन पहले हुई प्रतीत हो रही है। मौके पर एसडीओ गिरीश चंद्र बेलवाल, रेंजर रमेश चंद्र कुकरेती, डिप्टी रेंजर एसपी सिंह व डा. बीएम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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