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Kotdwar News: बसें बनीं बरात की सवारी, यात्रियों की बढ़ी लाचारी

Wed, 19 Nov 2025 07:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Wed, 19 Nov 2025 07:19 PM IST
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Buses have become wedding processions, increasing passenger distress
कोटद्वार में पहाड़ के ब्रांच रूटों की बसों का इंतजार करती सवारियां। संवाद
बसें बनीं बरात की सवारी, यात्रियों की बढ़ी लाचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। शादी–बरात का सीजन चरम पर होने के कारण जीएमओयू की अधिकांश बसें बुकिंग पर चली गई हैं जिससे गढ़वाल के पर्वतीय ब्रांच रूटों पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई है। बीते दो-तीन दिनों से पहाड़ की सवारियों को बसों के अभाव में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है, छोटे वाहन चालक मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने पहाड़ी रूटों पर नियमित बस सेवाओं की मांग की है।



उत्तराखंड परिवहन निगम की तुलना में पहाड़ी मार्गों पर अधिक बसें गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (जीएमओयू) संचालित करता है। कोटद्वार डिपो से पोखड़ा, एकेश्वर, बीरोंखाल, जयहरीखाल, कल्जीखाल, द्वारीखाल, पौड़ी, श्रीनगर आदि रूटों के लिए 100 से अधिक बसें चलती हैं। मुख्य मार्गों पर हिमगिरी बसें सक्रिय हैं, लेकिन ब्रांच रूटों की बसें शादी–समारोहों में लगी होने से सवारियों को वाहनों के लिए भटकना पड़ रहा है।
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पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत और द्वारीखाल की प्रमुख बीना राणा ने बसों की कमी को गंभीर समस्या बताया और शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। वहीं पोखड़ा व कलसीर रूटों की बसें बंद होने से रणवीर सिंह, मदन सिंह, शंकर सिंह और यशपाल सिंह रावत को टैक्सी बुक कराकर यात्रा करनी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि जीप-टैक्सी चालक स्थिति का नाजायज़ लाभ उठाकर अधिक किराया वसूल रहे हैं।
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मुख्य मार्गों पर हिमगिरी सेवाएं नियमित रूप से चल रही हैं। शादी बरात के लिए भी बसें उपलब्ध कराना कंपनी की जिम्मेदारी है। शादी के दिनों में थोड़ी दिक्कत जरूर रहेगी। यह प्रयास किया जा रहा है कि ब्रांच रूटों पर कम से कम एक बस का संचालन अनिवार्य रूप से हो।
-विजयपाल सिंह नेगी, सचिव/महाप्रबंधक, जीएमओयू

कोटद्वार में पहाड़ के ब्रांच रूटों की बसों का इंतजार करती सवारियां। संवाद

कोटद्वार में पहाड़ के ब्रांच रूटों की बसों का इंतजार करती सवारियां। संवाद

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