{"_id":"6a90355e925765d53d016a51","slug":"bridge-over-kateda-river-remains-incomplete-for-a-decade-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-126085-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: कातेड़ा नदी पर एक दशक से अधूरा पड़ा पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: कातेड़ा नदी पर एक दशक से अधूरा पड़ा पुल
Thu, 27 Aug 2026 06:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 27 Aug 2026 06:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरसात में नौ गांवों का कट जाता है सड़क संपर्क, दोनों छोर पर पिलर बनाकर छोड़ा काम
निर्माण सामग्री खा रही जंग, 1.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में लंबित
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत गाड़ियूंपुल-चिलाऊ मोटर मार्ग पर कातेड़ा नदी में पिछले एक दशक से पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है। पुल नहीं बनने से रिखणीखाल और नैनीडांडा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों के करीब नौ गांवों के ग्रामीणों को बरसात में आवाजाही की समस्या झेलनी पड़ती है। ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। निर्माण स्थल पर पुल की सामग्री भी जंग खा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनकी मांग पर वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गाड़ियूंपुल से उपगांव तल्ला तक पांच किलोमीटर सड़क को मंजूरी मिली थी। बाद में सड़क का सौंपखाल तक 1.5 किमी और कालीलांगू तक दो किलोमीटर विस्तार किया गया। सड़क निर्माण के बाद कातेड़ा नदी पर पुल का काम शुरू हुआ और नदी के दोनों छोर पर पिलर भी तैयार कर दिए गए। इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया।
ग्राम प्रधान शकुंतला देवी, मंजू देवी, ग्रामीण धनवीर सिंह, सुनील नेगी, सुभाष चंद्र नेगी, गजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, मनवर सिंह, कुलवीर सिंह आदि ने पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
बजट के अभाव में पूर्व में पुल निर्माण कार्य रोक दिया गया था। पुल के लिए 1.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसकी अभी स्वीकृति नहीं मिली है। बजट उपलब्ध होते ही पुल निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
-पान सिंह बिष्ट, ईई, पीएमजीएसवाई, बैजरो संचालित सतपुली।
विज्ञापन
निर्माण सामग्री खा रही जंग, 1.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में लंबित
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत गाड़ियूंपुल-चिलाऊ मोटर मार्ग पर कातेड़ा नदी में पिछले एक दशक से पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है। पुल नहीं बनने से रिखणीखाल और नैनीडांडा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों के करीब नौ गांवों के ग्रामीणों को बरसात में आवाजाही की समस्या झेलनी पड़ती है। ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। निर्माण स्थल पर पुल की सामग्री भी जंग खा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनकी मांग पर वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गाड़ियूंपुल से उपगांव तल्ला तक पांच किलोमीटर सड़क को मंजूरी मिली थी। बाद में सड़क का सौंपखाल तक 1.5 किमी और कालीलांगू तक दो किलोमीटर विस्तार किया गया। सड़क निर्माण के बाद कातेड़ा नदी पर पुल का काम शुरू हुआ और नदी के दोनों छोर पर पिलर भी तैयार कर दिए गए। इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान शकुंतला देवी, मंजू देवी, ग्रामीण धनवीर सिंह, सुनील नेगी, सुभाष चंद्र नेगी, गजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, मनवर सिंह, कुलवीर सिंह आदि ने पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
बजट के अभाव में पूर्व में पुल निर्माण कार्य रोक दिया गया था। पुल के लिए 1.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसकी अभी स्वीकृति नहीं मिली है। बजट उपलब्ध होते ही पुल निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
-पान सिंह बिष्ट, ईई, पीएमजीएसवाई, बैजरो संचालित सतपुली।