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Kotdwar News: लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग नहीं बनने पर गुस्साए लोग

Sun, 14 Dec 2025 06:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Sun, 14 Dec 2025 06:45 PM IST
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Angry residents protest over the failure to construct the Laldhang-Chillarkhal motor road.
प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों पर लगाया मांग की अनदेखी का आरोप
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एलिवेटेड रोड बनाने की उठाई मांग, बोले-भूख हड़ताल करने के साथ देंगे गिरफ्तारी भी
कोटद्वार। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले भाबर व लालढांग के लोगों ने मार्ग नहीं बनने पर चिल्लरखाल से झंडाचौक तक आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल करने के साथ ही गिरफ्तारियां भी देंगे।
चिल्लरखाल से भाबर व लालढांग के लोग बाइक व अन्य निजी वाहनों से देवी मंदिर तक पहुंचे। झंडाचौक तक प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जनाक्रोश रैली निकाली। झंडाचौक पर धरना देकर सभा की गई। ब्रिटिशकाल से मार्ग पर आवाजाही हो रही है। सरकार मार्ग का निर्माण न कर इसके अस्तित्व को खत्म करना चाहती है। मार्ग निर्माण की मांग को लेकर पिछले 93 दिनों से धरना चल रहा है। सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनकी सुध नहीं ली। क्षेत्रवासी अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण से जहां सिडकुल में उद्योगों की स्थापना होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं विकास की बयार भी बहेगी। दिल्ली तक की पदयात्रा, सीएम आवास के घेराव के बाद भी सरकार, स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान नहीं देने पर चेतावनी दी कि जब तक रोड नहीं बनेगी तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्हें अब लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड रोड ही चाहिए।
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राज्य आंदोलनकारी पंडित राजाराम अणथ्वाल ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह 2026 में पुन: अनशन पर बैठेंगे। देवेंद्र रावत की अध्यक्षता एवं नरेश धस्माना व रवींद्र सिंह सौंद के संचालन में आयोजित जनसभा में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रवीन थापा, दीपा अधिकारी, हेमा नेगी, मदन सिंह नेगी आदि ने विचार रखे। प्रदर्शनकारियों में नारायण सिंह रावत, ताजवर सिंह नेगी, कीर्ति मोहन द्विवेदी, उम्मेद सिंह भंडारी, पीतांबर कपटियाल, स्वयंवर सिंह बिष्ट, विकास रावत, जगदीश मेहरा, पुष्पा मेहरा, प्रकाश रावत, अमित अमोली आदि मौजूद रहे।
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कृपाल सिंह ने स्वयं को जंजीरों में बांधकर किया प्रदर्शन
पूर्वी झंडीचौड़ निवासी कृपाल सिंह स्वयं को जंजीर में बांधकर रैली में शामिल हुए और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने कहा कि जिस तरह वह जंजीरों में बंधे हैं। उसी तरह लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग भी वन अधिनियम की बेड़ियों में बंधा है। जनहित सर्वोपरी है और जनहित में इस मार्ग का निर्माण जल्द होना चाहिए।


कोतवाल के माइक बंद कराने पर भड़के आंदोलनकारी
प्रदर्शनकारियों ने पहले लालबत्ती चौराहे पर फिर झंडाचौक पर सभा के दौरान हाईवे जाम किया। कोतवाल का कहना था कि बिना अनुमति रैली निकाली गई है। एक घंटे से मार्ग बाधित किया हुआ है। पहले उन्होंने मार्ग को एक साइड से खुलवाया और काफी देर बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो उन्होंने माइक को बंद कराकर आंदोलनकारियों से सभा को समाप्त करने को कहा। तभी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल तनातनी वाला बना लेकिन कुछ आंदोलनकारियों ने बात को संभाल लिया।
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