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जमरगड्डी के सुनारी गांव में भूधंसाव से पड़ी घरों में दरारें, दहशत
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:40 PM IST
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दुगड्डा। ग्राम पंचायत जमरगड्डी के सुनारी गांव में भूधंसाव से लोगों के घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। घरों के ढहने के डर से ग्रामीणों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और खेतों में डेरा डाल लिया है। प्रशासन की ओर से उनके लिए व्यवस्था के नाम पर एक प्लास्टिक के तिरपाल की व्यवस्था कर इतिश्री कर दी गई है।
सुनारी गांव की पहाड़ी धंसने से उसे दोनों ओर से खतरा बना हुआ है। प्रधान अनीता देवी का कहना है कि ऊंची पहाड़ी की तलहटी में बसे सुनारी गांव में लगातार बारिश से गांव के चारों ओर भूस्खलन और भूधंसाव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण मकानों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। लोग खेत में टेंट लगाकर रात गुजार रहे हैं। क्षेत्र के कार्बेट नेशनल पार्क से नजदीक होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। लोग प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर उनके ठहरने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें एक प्लास्टिक का तिरपाल पकड़ाकर अपना पल्ला झाड़ दिया है। इसके चलते लोग दहशत में रात गुजार रहे हैं।
गांव की 72 वर्षीया समुद्रा देवी, गीता देवी, दिनेश सिंह, उम्मेद सिंह, अर्पिता और बलवंत सिंह ने प्रशासन पर उनकी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भूधंसाव के कारण गांव का अस्तित्व खतरे में है, लेकिन गांव की सुध लेने कोई भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।
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दुगड्डा ब्लॉक के सुनारी गांव की वर्तमान स्थिति संज्ञान में नहीं है। स्थिति का जायजा लेने के लिए शीघ्र टीम को गांव में भेजा जाएगा।
-सुशील कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल
-फोटो
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सुनारी गांव की पहाड़ी धंसने से उसे दोनों ओर से खतरा बना हुआ है। प्रधान अनीता देवी का कहना है कि ऊंची पहाड़ी की तलहटी में बसे सुनारी गांव में लगातार बारिश से गांव के चारों ओर भूस्खलन और भूधंसाव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण मकानों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। लोग खेत में टेंट लगाकर रात गुजार रहे हैं। क्षेत्र के कार्बेट नेशनल पार्क से नजदीक होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। लोग प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर उनके ठहरने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें एक प्लास्टिक का तिरपाल पकड़ाकर अपना पल्ला झाड़ दिया है। इसके चलते लोग दहशत में रात गुजार रहे हैं।
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गांव की 72 वर्षीया समुद्रा देवी, गीता देवी, दिनेश सिंह, उम्मेद सिंह, अर्पिता और बलवंत सिंह ने प्रशासन पर उनकी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भूधंसाव के कारण गांव का अस्तित्व खतरे में है, लेकिन गांव की सुध लेने कोई भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।
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दुगड्डा ब्लॉक के सुनारी गांव की वर्तमान स्थिति संज्ञान में नहीं है। स्थिति का जायजा लेने के लिए शीघ्र टीम को गांव में भेजा जाएगा।
-सुशील कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल
-फोटो