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स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने पर भड़का शिक्षक संघ
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:43 PM IST
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कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ की दुगड्डा विकासखंड इकाई की जीआईसी कोटद्वार में हुई बैठक में वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया का विरोध किया गया। कहा कि मौजूदा स्थानांतरण प्रक्रिया चहेतों केे लाभ देने के लिए शुरू की गई है, जबकि दुर्गम में तैनात शिक्षकों को आज भी सुगम में आने का इंतजार है। कहा कि शिक्षक लंबे समय से स्थायी स्थानांतरण नीति बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
ब्लाक अध्यक्ष अव्वल सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुर्गम में तैनात शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में जब शिक्षक बीस सूत्री मांगों के संबंध में निदेशालय में आंदोलन कर रहे थे, तब वर्तमान सरकार के कई विधायक और मंत्री धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों को जायज बताते हुए समर्थन किया करते थे। अब सत्ता में आने पर उनकी मांगों पर कार्रवाई तो दूर, उनकी सुनी तक नहीं जा रही है। चौहान ने कहा कि शिक्षक पारदर्शी स्थानांतरण एक्ट की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। शिक्षकों ने चेेताया कि जल्द ही पर्वतीय क्षेत्र के विद्यालयों के त्रुटिपूर्ण कोटिकरण को ठीक नहीं किया गया तो शिक्षक कोर्ट की शरण में जाने के लिए मजबूर होगा।
बैठक में बलबीर सिंह रावत, राजेश कुकरेती, राजेंद्र भंडारी, आशीष खर्कवाल, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, मनमोहन रौतेला, मनोज रावत, पारितोष रावत, मुकेश रावत, पीएल बडोला, धीरेंद्र रावत, विनोद पंत, बागंबर सिंह रावत व पंकज ध्यानी आदि मौजूद थे।
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ब्लाक अध्यक्ष अव्वल सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुर्गम में तैनात शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में जब शिक्षक बीस सूत्री मांगों के संबंध में निदेशालय में आंदोलन कर रहे थे, तब वर्तमान सरकार के कई विधायक और मंत्री धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों को जायज बताते हुए समर्थन किया करते थे। अब सत्ता में आने पर उनकी मांगों पर कार्रवाई तो दूर, उनकी सुनी तक नहीं जा रही है। चौहान ने कहा कि शिक्षक पारदर्शी स्थानांतरण एक्ट की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। शिक्षकों ने चेेताया कि जल्द ही पर्वतीय क्षेत्र के विद्यालयों के त्रुटिपूर्ण कोटिकरण को ठीक नहीं किया गया तो शिक्षक कोर्ट की शरण में जाने के लिए मजबूर होगा।
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बैठक में बलबीर सिंह रावत, राजेश कुकरेती, राजेंद्र भंडारी, आशीष खर्कवाल, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, मनमोहन रौतेला, मनोज रावत, पारितोष रावत, मुकेश रावत, पीएल बडोला, धीरेंद्र रावत, विनोद पंत, बागंबर सिंह रावत व पंकज ध्यानी आदि मौजूद थे।
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