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नगर निगम के विरोध में भाबर की जनता हो रही लामबंद
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर निगम में मिलाने के विरोध में संघर्ष समिति भाबर के ग्रामीणों को लामबंद करने में जुट गई है। गांव-गांव चल रहे जागरूकता अभियान में शासन और प्रशासन की हठधर्मिता और ग्राम पंचायतीराज को खत्म करने की साजिश पर फोकस किया जा रहा है।
नगर निगम विरोध संघर्ष समिति की पदमपुर सुखरौ में हुई बैठक में अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि नगर निगम के विरोध में भाबर की जनता लामबंद हो रही है। भाबर के काश्तकार, खेतीहर मजदूर, श्रमिक सभी नगर निगम के विरोध में हैं। प्रवेश चंद्र नवानी ने सरकार की तानाशाही के विरुद्ध संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। समिति के उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भाबर की जनता पर नगर निगम थोपा गया है। किसी भी गांव और ग्राम पंचायत की ओर से इसका प्रस्ताव नहीं गया। संगठन मंत्री बृजमोहन सिंह नेगी, महामंत्री गोविंद डंडरियाल, मीडिया प्रभारी विजय ध्यानी, उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी और राजाराम अण्थ्वाल ने कहा कि कोटद्वार शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण गांवों को जबरन इसमें शामिल किया गया है।
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नगर निगम विरोध संघर्ष समिति की पदमपुर सुखरौ में हुई बैठक में अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि नगर निगम के विरोध में भाबर की जनता लामबंद हो रही है। भाबर के काश्तकार, खेतीहर मजदूर, श्रमिक सभी नगर निगम के विरोध में हैं। प्रवेश चंद्र नवानी ने सरकार की तानाशाही के विरुद्ध संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। समिति के उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भाबर की जनता पर नगर निगम थोपा गया है। किसी भी गांव और ग्राम पंचायत की ओर से इसका प्रस्ताव नहीं गया। संगठन मंत्री बृजमोहन सिंह नेगी, महामंत्री गोविंद डंडरियाल, मीडिया प्रभारी विजय ध्यानी, उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी और राजाराम अण्थ्वाल ने कहा कि कोटद्वार शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण गांवों को जबरन इसमें शामिल किया गया है।
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