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दिव्यांग ठाकुर सिंह ने ठुकराया एसडीएम का ऑफर
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:39 PM IST
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कोटद्वार। सैनिक विश्राम गृह से नौकरी से निकाले जाने से परेशान दिव्यांग ठाकुर सिंह का पुन: नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। प्रशासन द्वारा दिव्यांग की डॉक्टरी जांच कराई गई। इसमें उसकी हालत बिगड़ने की पुष्टि हुई है।
बृहस्पतिवार को मंदाकिनी नगर निवासी दिव्यांग ठाकुर सिंह को क्षेत्र पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला की पहल पर एसडीएम राकेश तिवारी ने बातचीत के लिए बुलाया। ठाकुर ने एसडीएम से एक माह के अंदर उसे ऑटो का परमिट दिए जाने, 15 दिन के अंदर सैनिक कल्याण विभाग, पुनर्वास विभाग लैंसडौन से उसकी नियुक्ति पत्र दिलाने और नगर निगम बनने पर उसे नौकरी दिए जाने की मांग की। एसडीएम ने उसे किसी प्राइवेट कंपनी में लिपिक के पद पर नौकरी दिलाने और नगर निगम बनने के बाद संविदा पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया, लेकिन, वह नहीं माना। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह मांग पर अड़ा रहा।
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बृहस्पतिवार को मंदाकिनी नगर निवासी दिव्यांग ठाकुर सिंह को क्षेत्र पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला की पहल पर एसडीएम राकेश तिवारी ने बातचीत के लिए बुलाया। ठाकुर ने एसडीएम से एक माह के अंदर उसे ऑटो का परमिट दिए जाने, 15 दिन के अंदर सैनिक कल्याण विभाग, पुनर्वास विभाग लैंसडौन से उसकी नियुक्ति पत्र दिलाने और नगर निगम बनने पर उसे नौकरी दिए जाने की मांग की। एसडीएम ने उसे किसी प्राइवेट कंपनी में लिपिक के पद पर नौकरी दिलाने और नगर निगम बनने के बाद संविदा पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया, लेकिन, वह नहीं माना। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह मांग पर अड़ा रहा।
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