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बिना रास्ते के ही बना दिया ग्राम पंचायत बोरगांव का पंचायत घर, बदहाल
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:21 PM IST
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कोटद्वार। ग्राम पंचायत बोरगांव का सैलाणी गांव में बना पंचायतघर बदहाल है। स्थिति यह है कि पंचायत घर का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ने लगा है। बरसात के बाद सफाई न होने से भवन की छत पर काई जमने के साथ ही घास उगी हुई है। पंचायत भवन के दरवाजे और खिड़कियां जर्जर हो गए हैं। दरअसल तत्कालीन ग्राम प्रधान ने पंचायत घर के लिए जमीन का चुनाव कर बिल्डिंग तो बना दी, लेकिन पंचायत घर जाने के लिए अभी तक रास्ता तक नहीं है। रास्ते के अभाव में पंचायत घर जाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी पंचायत भवन योजना के तहत ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण शुरू किया गया। ग्राम पंचायत बोरगांव में वर्ष 2006 में पंचायत भवन बनकर तैयार हुआ। इसका लोकार्पण पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया था। देखरेख के अभाव में पंचायत घर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। पंचायत घर का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ने लगा है। वहीं बरसात के बाद सफाई न होने से भवन में जगह-जगह काई जमने से भवन बदरंग हो गया है। पंचायत भवन के दरवाजे और खिड़कियां भी जर्जर हो गए हैं। पंचायत भवन की छत पर घास उगी हुई है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने बिना रास्ते के ही पंचायत घर बना दिया, जिससे लोगों को पंचायत घर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके तहत दालिमीसैंण, किमसेरा, कुशलीसैंण, सैलाणी व बोरगांव शामिल हैं, लेकिन पंचायतघर पांचों गांव के बीच में बनाने के बजाय अंतिम छोर पर बनाया गया है। दूरी अधिक होने के कारण लोगों का वहां तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
ग्राम प्रधान बोरगांव वेदप्रकाश ने बताया कि बीडीओ ने पंचायत घर की मरम्मत करने को कहा है। उनके पास मनरेगा और केंद्र के वित्त का पैसा है, लेकिन पंचायत घर का रास्ता नहीं होने के कारण इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी पंचायत भवन योजना के तहत ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण शुरू किया गया। ग्राम पंचायत बोरगांव में वर्ष 2006 में पंचायत भवन बनकर तैयार हुआ। इसका लोकार्पण पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया था। देखरेख के अभाव में पंचायत घर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। पंचायत घर का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ने लगा है। वहीं बरसात के बाद सफाई न होने से भवन में जगह-जगह काई जमने से भवन बदरंग हो गया है। पंचायत भवन के दरवाजे और खिड़कियां भी जर्जर हो गए हैं। पंचायत भवन की छत पर घास उगी हुई है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने बिना रास्ते के ही पंचायत घर बना दिया, जिससे लोगों को पंचायत घर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके तहत दालिमीसैंण, किमसेरा, कुशलीसैंण, सैलाणी व बोरगांव शामिल हैं, लेकिन पंचायतघर पांचों गांव के बीच में बनाने के बजाय अंतिम छोर पर बनाया गया है। दूरी अधिक होने के कारण लोगों का वहां तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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ग्राम प्रधान बोरगांव वेदप्रकाश ने बताया कि बीडीओ ने पंचायत घर की मरम्मत करने को कहा है। उनके पास मनरेगा और केंद्र के वित्त का पैसा है, लेकिन पंचायत घर का रास्ता नहीं होने के कारण इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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