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जर्जर भवन में शिक्षा ले रहे 36 नौनिहाल, खतरा
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:43 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के राजकीय कन्या पूर्व प्राथमिक विद्यालय लोकमणीपुर का जर्जर भवन गिरने की कगार पर है। शिक्षा विभाग भवन की मरम्मत कराने के बजाय 36 नौनिहालों की जान जोखिम में डालकर वहां उन्हें पढ़ा रहा है। जब कोटद्वार शहर से सटे भाबर क्षेत्र के विद्यालय का यह हाल है तो सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वर्ष 1992 में स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय की स्थापना की गई थी, लेकिन भवन निर्माण के बाद विभाग ने विद्यालय भवन की ओर झांक कर नहीं देखा। नतीजतन देेखरेख के अभाव में विद्यालय का भवन और जर्जर हो गया है। विद्यालय भवन की छत का प्लास्टर झड़ रहा है। छत की सरिया दिखने लगी हैं। क्षतिग्रस्त छत का प्लास्टर कभी भी गिरकर छात्रों को चोटिल कर सकता है। दरवाजे-चौखटों को दीमक ने खोखला कर दिया है। बरसात में छत टपकती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद ध्यानी ने बताया कि पिछले दो साल से विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से शिक्षा विभाग और स्थानीय विधायक को कई बार भवन की मरम्मत और अन्य जरूरतों के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अन्य भवन नहीं होने के कारण विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देना मजबूरी है।
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उधर, उपशिक्षा अधिकारी दुगड्डा अभिषेक शुक्ला ने माना कि विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। मरम्मत के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही भवन की मरम्मत की जाएगी।
वर्ष 1992 में स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय की स्थापना की गई थी, लेकिन भवन निर्माण के बाद विभाग ने विद्यालय भवन की ओर झांक कर नहीं देखा। नतीजतन देेखरेख के अभाव में विद्यालय का भवन और जर्जर हो गया है। विद्यालय भवन की छत का प्लास्टर झड़ रहा है। छत की सरिया दिखने लगी हैं। क्षतिग्रस्त छत का प्लास्टर कभी भी गिरकर छात्रों को चोटिल कर सकता है। दरवाजे-चौखटों को दीमक ने खोखला कर दिया है। बरसात में छत टपकती है।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद ध्यानी ने बताया कि पिछले दो साल से विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से शिक्षा विभाग और स्थानीय विधायक को कई बार भवन की मरम्मत और अन्य जरूरतों के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अन्य भवन नहीं होने के कारण विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देना मजबूरी है।
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उधर, उपशिक्षा अधिकारी दुगड्डा अभिषेक शुक्ला ने माना कि विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। मरम्मत के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही भवन की मरम्मत की जाएगी।