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क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की खुद मरम्मत में जुटे ग्रामीण
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यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बुकंडी में पिछले पांच महीने से पेयजल संकट बना हुआ है। बरसात से टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए ग्रामीण जिला पंचायत, विधायक और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई भी सुध नहीं ले रहा है। अब ग्रामीणों ने अपने संसाधनों और श्रमदान से लाइन की मरम्मत शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी मशीनरी से मदद की गुहार करते करते वे थक चुके हैं।
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह असवाल, सतेश्वर प्रसाद जोशी, बलबीर सिंह असवाल, दिनेश जोशी, सुनील बड़ोला, आशीष बड़थ्वाल, विकास जोशी का कहना है कि बुकंडी गांव की पेयजल लाइन गत वर्ष बरसात में भेंट चढ़ गई थी। जिससे पाइप लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पिछले पांच महीने से गांव में पीने का पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी, जिला पंचायत सदस्य उमरोली हरि सिंह भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधान समेत कई मंचों पर लाइन की मरम्मत की गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की लेकिन कोई लाभ नही हुआ। परेशान ग्रामीणों ने स्वयं ही पेयजल लाइन की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से पेयजल लाइन की मरम्मत शुरू कर दी है, ग्रामीणों का प्रयास कि वे दो से तीन दिन के भीतर पानी गांव में पहुंचा दें।
बुकंडी गांव की पेयजल लाइन ग्राम पंचायत को स्थानांतरित कर दी गई। अब पेयजल लाइन की मरम्मत जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।
-रतन सिंह रावत, अवर अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।
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ग्रामीण सुरेंद्र सिंह असवाल, सतेश्वर प्रसाद जोशी, बलबीर सिंह असवाल, दिनेश जोशी, सुनील बड़ोला, आशीष बड़थ्वाल, विकास जोशी का कहना है कि बुकंडी गांव की पेयजल लाइन गत वर्ष बरसात में भेंट चढ़ गई थी। जिससे पाइप लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पिछले पांच महीने से गांव में पीने का पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी, जिला पंचायत सदस्य उमरोली हरि सिंह भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधान समेत कई मंचों पर लाइन की मरम्मत की गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की लेकिन कोई लाभ नही हुआ। परेशान ग्रामीणों ने स्वयं ही पेयजल लाइन की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से पेयजल लाइन की मरम्मत शुरू कर दी है, ग्रामीणों का प्रयास कि वे दो से तीन दिन के भीतर पानी गांव में पहुंचा दें।
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बुकंडी गांव की पेयजल लाइन ग्राम पंचायत को स्थानांतरित कर दी गई। अब पेयजल लाइन की मरम्मत जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।
-रतन सिंह रावत, अवर अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।
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