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फर्जी बैंक अधिकारी बनकर पूछा आधार नंबर, खाते से 24 हजार उड़ाए
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:00 PM IST
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किशनपुर/कोटद्वार। भाबर के उदयरामपुर (ढांगी) गांव में एक व्यक्ति के खाते से फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठग ने आधार नंबर पूछकर 24 हजार रुपये की रकम उड़ा ली। पीड़ित खातेदार ने घटना की जानकारी कलालघाटी पुलिस चौकी में दी है।
पीड़ित अमर सिंह पुत्र कल्याण सिंह ने बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक की किशनपुर शाखा में खाता है। बृहस्पतिवार को वह खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक में गए तो वहां पता चला कि उनके खाते में सिर्फ 1633 रुपये ही बकाया है। अमर सिंह ने बताया कि उनके खाते में 25631 रुपये जमा थे। बैंक कर्मियों ने बताया कि ऑनलाइन बैंकिंग से उनके खाते से आठ अगस्त को पांच बार ट्रांजेक्शन हुई, जिसमें 24 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह पैसा नोयडा के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुआ है। घर से पता करने पर उनकी बेटी ने बताया कि एक बैंक अधिकारी ने फोन कर उनका आधार नंबर पूछा था। जिसे उन्होंने बता दिया था। पीड़ित अमर सिंह ने पुलिस को वह फोन नंबर भी उपलब्ध कराया है, जिससे उन्हें फोन आया था। वह फोन झारखंड से किया गया था।
बैंक अधिकारी शुभम ने बताया कि कोई भी बैंक किसी खातेदार को आधार नंबर या एटीएम नंबर पूछने के लिए फोन नहीं करता। बैंकों की ओर से समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर खाताधारकों को सचेत किया जाता है। इसके बाद भी फोन पर अपने एटीएम नंबर, ओटीपी और आधार नंबर पूछकर धोखाधड़ी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं।
पीड़ित अमर सिंह पुत्र कल्याण सिंह ने बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक की किशनपुर शाखा में खाता है। बृहस्पतिवार को वह खाते से पैसे निकालने के लिए बैंक में गए तो वहां पता चला कि उनके खाते में सिर्फ 1633 रुपये ही बकाया है। अमर सिंह ने बताया कि उनके खाते में 25631 रुपये जमा थे। बैंक कर्मियों ने बताया कि ऑनलाइन बैंकिंग से उनके खाते से आठ अगस्त को पांच बार ट्रांजेक्शन हुई, जिसमें 24 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह पैसा नोयडा के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुआ है। घर से पता करने पर उनकी बेटी ने बताया कि एक बैंक अधिकारी ने फोन कर उनका आधार नंबर पूछा था। जिसे उन्होंने बता दिया था। पीड़ित अमर सिंह ने पुलिस को वह फोन नंबर भी उपलब्ध कराया है, जिससे उन्हें फोन आया था। वह फोन झारखंड से किया गया था।
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बैंक अधिकारी शुभम ने बताया कि कोई भी बैंक किसी खातेदार को आधार नंबर या एटीएम नंबर पूछने के लिए फोन नहीं करता। बैंकों की ओर से समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर खाताधारकों को सचेत किया जाता है। इसके बाद भी फोन पर अपने एटीएम नंबर, ओटीपी और आधार नंबर पूछकर धोखाधड़ी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं।
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