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सिंचाई विभाग ने दुगड्डा नगर पालिका के निर्माण पर लगाई रोक
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:48 PM IST
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दुगड्डा। एनजीटी के निर्देशों का अनुपालन करते हुए सिंचाई विभाग ने दुगड्डा नगर पालिका परिषद को नदी के तट पर निर्माण करने पर रोक लगा दी है। विभाग ने निर्माण कार्य से जनधन की हानि की संभावना जताई है।
दुगड्डा नगर पालिका क्षेत्र खो नदी की सहायक नदियां सिलगाड़ और लंगूरगाड़ के मध्य स्थित है। नदियों के बरसात के दौरान तीव्र प्रवाह से बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने से जनधन की हानि होने की संभावना जताई जाती है। 1917 व 1934 में दो बार दुगड्डा नगर बाढ़ से प्रभावित हुआ था। इसके चलते नगर पालिका परिषद ने सुभाष बाजार वार्ड में लंगूरगाड़ नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवार और सीसी मार्ग के निर्माण के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दुगड्डा से अनुमति मांगी थी।
अधिशासी अभियंता के निर्देश पर सहायक अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में नदी की चौड़ाई (वाटर वे) कम होना व पानी के बहाव में रुकावट की संभावना व्यक्त करते हुए साथ ही तटबंध को क्षति पहुंचने और जनधन की हानि की संभावनाएं जताईं।
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अधिशासी अभियंता सुधीर मोहन ने बताया है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइड लाइन के तहत पर्वतीय क्षेत्र में नदियों पर सौ मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य का किया जाना प्रतिबंधित है।
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दुगड्डा नगर पालिका क्षेत्र खो नदी की सहायक नदियां सिलगाड़ और लंगूरगाड़ के मध्य स्थित है। नदियों के बरसात के दौरान तीव्र प्रवाह से बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने से जनधन की हानि होने की संभावना जताई जाती है। 1917 व 1934 में दो बार दुगड्डा नगर बाढ़ से प्रभावित हुआ था। इसके चलते नगर पालिका परिषद ने सुभाष बाजार वार्ड में लंगूरगाड़ नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवार और सीसी मार्ग के निर्माण के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दुगड्डा से अनुमति मांगी थी।
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अधिशासी अभियंता के निर्देश पर सहायक अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में नदी की चौड़ाई (वाटर वे) कम होना व पानी के बहाव में रुकावट की संभावना व्यक्त करते हुए साथ ही तटबंध को क्षति पहुंचने और जनधन की हानि की संभावनाएं जताईं।
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अधिशासी अभियंता सुधीर मोहन ने बताया है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइड लाइन के तहत पर्वतीय क्षेत्र में नदियों पर सौ मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य का किया जाना प्रतिबंधित है।