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आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमें प्रदेश सरकार वापस ले: दिवाकर भट्ट
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कोटद्वार। उक्रांद के अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे यदि जल्द वापस नहीं हुए तो सड़कों पर उतरकर प्रदेश सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्वेस्ट समिट के नाम पर प्रदेश सरकार लोगों की जमीनें उद्योगपतियों को देने जा रही है। इसके लिए जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में यूकेडी अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए जितनी कुर्बानियां उत्तराखंडवासियों ने दी है, उतनी किसी अन्य राज्य को नहीं देनी पड़ी। कहा कि 18 वर्षों बाद भी राज्य निर्माण की अवधारणा पूरी नहीं होने की संगठन को बहुत पीड़ा है। जिस मकसद के लिए बलिदान दिया गया, वह खो गया है। उम्मीद थी कि राज्य बनने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों का विकास होगा और पलायन रुकेगा लेकिन इसके ठीक उलट पर्वतीय और मैदानी इलाकों से आकर लोग तराई भाबर में बस रहे हैं, जिससे यहां अव्यवस्थाएं होने से ही नगर पालिका खत्मकर नगर निगम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि 3000 विद्यालय बंद होने के कगार पर हैं। उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी अन्यत्र स्थानांतरित किया जा रहा है। कहा कि यूकेडी पूरी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ राष्ट्रीय दलों को प्रदेश से उखाड़ फेंक जनता का विश्वास जीतेगी। मुजफ्फरनगर कांड को लेकर सर्वोच्च न्यायालय गए लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपना पूरा समर्थन देने की बात कही। इस मौके पर यूकेडी के वरिष्ठ नेता बीडी रतूड़ी, काशी सिंह ऐरी, पंकज व्यास, रेखा मियां, किशन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में यूकेडी अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए जितनी कुर्बानियां उत्तराखंडवासियों ने दी है, उतनी किसी अन्य राज्य को नहीं देनी पड़ी। कहा कि 18 वर्षों बाद भी राज्य निर्माण की अवधारणा पूरी नहीं होने की संगठन को बहुत पीड़ा है। जिस मकसद के लिए बलिदान दिया गया, वह खो गया है। उम्मीद थी कि राज्य बनने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों का विकास होगा और पलायन रुकेगा लेकिन इसके ठीक उलट पर्वतीय और मैदानी इलाकों से आकर लोग तराई भाबर में बस रहे हैं, जिससे यहां अव्यवस्थाएं होने से ही नगर पालिका खत्मकर नगर निगम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि 3000 विद्यालय बंद होने के कगार पर हैं। उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी अन्यत्र स्थानांतरित किया जा रहा है। कहा कि यूकेडी पूरी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ राष्ट्रीय दलों को प्रदेश से उखाड़ फेंक जनता का विश्वास जीतेगी। मुजफ्फरनगर कांड को लेकर सर्वोच्च न्यायालय गए लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपना पूरा समर्थन देने की बात कही। इस मौके पर यूकेडी के वरिष्ठ नेता बीडी रतूड़ी, काशी सिंह ऐरी, पंकज व्यास, रेखा मियां, किशन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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