{"_id":"5c5086c1bdec2258bd0c7fb7","slug":"181548781249-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोटाढांक और कलालघाटी अस्पतालों में मिले इमरजेंसी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोटाढांक और कलालघाटी अस्पतालों में मिले इमरजेंसी सुविधा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के लोगों ने राजकीय चिकित्सालय उमरावनगर मोटाढांक, कलालघाटी और झंडीचौड़ में रात्रिकालीन आपातकाल सेवाएं शुरू करने की मांग की है। लोगों ने अपनी मांग से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को प्रेषित किया।
भाबर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के लोग मंगलवार को तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने वार्ड नंबर-30 पदमपुर मोटाढांक के पार्षद सौरव नौडियाल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में लोगों ने कहा कि भाबर क्षेत्र के अंतर्गत तीन राजकीय चिकित्सालय उमरावनगर मोटाढांक, कलालघाटी और झंडीचौड़ संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें सुविधाओं का अभाव है। स्थिति यह है कि इन चिकित्सालयों में महज एक-एक चिकित्सक की तैनाती की गई है। इनमें रात्रि में आकस्मिक सेवाओं की सुविधा तक नहीं है, जिससे भाबर क्षेत्र की करीब 60 हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 10 से 15 किमी दूर कोटद्वार बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
ज्ञापन में तीनों चिकित्सालयों में रात्रिकालीन आपातकालीन सेवाएं शुरू करने, हड्डी रोग, बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती करने और एक्सरे मशीन की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण सिंह नेगी, बीना रावत, शिव कुमार, बबीता नौटियाल, विमला शुक्ला, सुनीता देवी, लीला नेगी, इंदू ममगाईं, जमोत्री रावत, सरोजनी रावत, गुड्डी गुसाईं, उजागर पुंडीर व अमित रावत शामिल रहे।
विज्ञापन
-फोटो
विज्ञापन
भाबर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के लोग मंगलवार को तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने वार्ड नंबर-30 पदमपुर मोटाढांक के पार्षद सौरव नौडियाल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में लोगों ने कहा कि भाबर क्षेत्र के अंतर्गत तीन राजकीय चिकित्सालय उमरावनगर मोटाढांक, कलालघाटी और झंडीचौड़ संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें सुविधाओं का अभाव है। स्थिति यह है कि इन चिकित्सालयों में महज एक-एक चिकित्सक की तैनाती की गई है। इनमें रात्रि में आकस्मिक सेवाओं की सुविधा तक नहीं है, जिससे भाबर क्षेत्र की करीब 60 हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 10 से 15 किमी दूर कोटद्वार बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
विज्ञापन
ज्ञापन में तीनों चिकित्सालयों में रात्रिकालीन आपातकालीन सेवाएं शुरू करने, हड्डी रोग, बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती करने और एक्सरे मशीन की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण सिंह नेगी, बीना रावत, शिव कुमार, बबीता नौटियाल, विमला शुक्ला, सुनीता देवी, लीला नेगी, इंदू ममगाईं, जमोत्री रावत, सरोजनी रावत, गुड्डी गुसाईं, उजागर पुंडीर व अमित रावत शामिल रहे।
विज्ञापन
-फोटो