{"_id":"5a09d4574f1c1bd9798bc195","slug":"181510593623-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़वाली बालगीत संग्रह झुंपा का हुआ विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़वाली बालगीत संग्रह झुंपा का हुआ विमोचन
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। गढ़वाली बोली के विकास के लिए गढ़वाली कवि यतेंद्र गोड़ की पुस्तक झुंपा का समारोह पूर्वक लोकार्पण किया गया। चौबट्टाखाल के ग्राम गडरी में आयोजित गढ़वाली कवि सम्मेलन में संस्कृत कर्मी मदन मोहन डुकनाल, गणेश खुगशाल गणी और सांसद प्रतिनिधि राजपाल सिंह ने झुंपा गढ़वाली बालगीत संग्रह पुस्तक का विमोचन किया।
सामाजिक संस्था मेरु मुलुक की ओर से आयोजित गढ़वाली काब्य सम्मेलन में कवियों ने पहाड़ की पीड़ा को अपनी कविताओं में के माध्यम से बयां किया। उन्होंने पहाड़ को बचाने के लिए किए जा रहे सरकारी इंतजामों पर तंज कसकर सरकार को आईना दिखाया।
इस अवसर पर कवि जयबीर सिंह रावत, गिरीश सुंद्रियाल, हरीश जुयाल, धमेंद्र नेगी, आशीष सुंद्रियाल, संतोष खंतवाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सामाजिक संस्था मेरु मुलुक की ओर से आयोजित गढ़वाली काब्य सम्मेलन में कवियों ने पहाड़ की पीड़ा को अपनी कविताओं में के माध्यम से बयां किया। उन्होंने पहाड़ को बचाने के लिए किए जा रहे सरकारी इंतजामों पर तंज कसकर सरकार को आईना दिखाया।
विज्ञापन
इस अवसर पर कवि जयबीर सिंह रावत, गिरीश सुंद्रियाल, हरीश जुयाल, धमेंद्र नेगी, आशीष सुंद्रियाल, संतोष खंतवाल आदि मौजूद थे।