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प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने किया त्रैमासिक बैठक का बहिष्कार
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:19 PM IST
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दुगड्डा/कोटद्वार। बीडीओ के तबादले की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। इसके बाद उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक बीडीओ सुमन राणा का तबादला नहीं होता, तब तक ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य बैठक नहीं होने देंगे। बीडीसी बैठक के बहिष्कार के कारण ब्लाक मुख्यालय पहुंचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। आंदोलनकारियों ने तय किया कि शुक्रवार से वह तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
खंड विकास अधिकारी सुमन राणा को हटाने के लिए चार दिन से चल रहा ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। आंदोलन के कारण विकास खंड मुख्यालय में कामकाज बाधित रहा। जनप्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी सुमन राणा पर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन कर रहे ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों पर पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर झूठा मुकदमा दर्ज करवाने का आरोप लगाया। तय किया कि शुक्रवार से तहसील परिसर कोटद्वार में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल ने बीडीओ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को झूठा बताया। कहा कि जनप्रतिनिधि झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। धरना-प्रदर्शन में कंचन नैथानी, प्रमोद डोबरियाल, दिनेश रावत, चंद्र प्रकाश नैथानी, जितेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, ज्योति रावत, विनोद नेगी, विपिन जयमल, दीपक पांडे, रेखा रावत, बंसती थलेड़ी, सावित्री देवी, कल्पना बिष्ट, सुनीता देवी, सुमन रावत, संजय पंथवाल, विजय राम, पूरण चंद्र, कृष्ण चंद्र खंतवाल, सुरेश रावत, रेखा रावत, हरीश नेगी, हेमचंद्र पंवार, कुलवंत, रामेश्वरी देवी, कल्पना देवी, उदय सिंह नेगी व गुड्डी देवी सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि मौजूद थे। ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने अपनी मांग का एक ज्ञापन एसडीएम राकेश तिवारी को सौंपा।
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-फोटो
बीडीओ के खिलाफ दर्ज कराया एससीएसटी एक्ट का मुकदमा
एक दिन पहले बीडीओ ने प्रधानों और बीडीसी मेंबरों के खिलाफ दर्ज कराया था केस
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। झंडीचौड़ पश्चिमी के ग्राम प्रधान पूरणचंद्र ने बीडीओ दुगड्डा सुुमन राणा पर जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रधान पूरणचंद्र ने कहा कि 24 जुलाई को जब वह विकासखंड मुख्यालय पर अपनी ग्राम पंचायत के कार्य से गए थे, तब बीडीओ ने उन्हें टोकते हुए बाहर जाने को कहा। प्रार्थी ने जब उनसे उनकी ग्राम पंचायत की समस्याएं सुनने का आग्रह किया तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्र व्यवहार किया। उधर, राजस्व उपनिरीक्षक शीला दो एनएस राणा ने बताया कि एक दिन पहले बीडीओ की ओर से कुछ प्रधान और बीडीसी सदस्य समेत 20 से 30 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, अभद्रता करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। अब दोनों ओर से दर्ज इस मामले की जांच रेगुलर पुलिस से कराने का आग्रह जिला प्रशासन से कराया जा रहा है। नायब तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी गढ़वाल को पत्र भेजा गया है।
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खंड विकास अधिकारी सुमन राणा को हटाने के लिए चार दिन से चल रहा ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। आंदोलन के कारण विकास खंड मुख्यालय में कामकाज बाधित रहा। जनप्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी सुमन राणा पर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन कर रहे ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों पर पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर झूठा मुकदमा दर्ज करवाने का आरोप लगाया। तय किया कि शुक्रवार से तहसील परिसर कोटद्वार में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल ने बीडीओ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को झूठा बताया। कहा कि जनप्रतिनिधि झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। धरना-प्रदर्शन में कंचन नैथानी, प्रमोद डोबरियाल, दिनेश रावत, चंद्र प्रकाश नैथानी, जितेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, ज्योति रावत, विनोद नेगी, विपिन जयमल, दीपक पांडे, रेखा रावत, बंसती थलेड़ी, सावित्री देवी, कल्पना बिष्ट, सुनीता देवी, सुमन रावत, संजय पंथवाल, विजय राम, पूरण चंद्र, कृष्ण चंद्र खंतवाल, सुरेश रावत, रेखा रावत, हरीश नेगी, हेमचंद्र पंवार, कुलवंत, रामेश्वरी देवी, कल्पना देवी, उदय सिंह नेगी व गुड्डी देवी सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि मौजूद थे। ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने अपनी मांग का एक ज्ञापन एसडीएम राकेश तिवारी को सौंपा।
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बीडीओ के खिलाफ दर्ज कराया एससीएसटी एक्ट का मुकदमा
एक दिन पहले बीडीओ ने प्रधानों और बीडीसी मेंबरों के खिलाफ दर्ज कराया था केस
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। झंडीचौड़ पश्चिमी के ग्राम प्रधान पूरणचंद्र ने बीडीओ दुगड्डा सुुमन राणा पर जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रधान पूरणचंद्र ने कहा कि 24 जुलाई को जब वह विकासखंड मुख्यालय पर अपनी ग्राम पंचायत के कार्य से गए थे, तब बीडीओ ने उन्हें टोकते हुए बाहर जाने को कहा। प्रार्थी ने जब उनसे उनकी ग्राम पंचायत की समस्याएं सुनने का आग्रह किया तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्र व्यवहार किया। उधर, राजस्व उपनिरीक्षक शीला दो एनएस राणा ने बताया कि एक दिन पहले बीडीओ की ओर से कुछ प्रधान और बीडीसी सदस्य समेत 20 से 30 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, अभद्रता करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। अब दोनों ओर से दर्ज इस मामले की जांच रेगुलर पुलिस से कराने का आग्रह जिला प्रशासन से कराया जा रहा है। नायब तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी गढ़वाल को पत्र भेजा गया है।