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गिवईंस्रोत के आपदा प्रभावितों ने प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। गिवईंस्रोत गदेरे के उफान से घरों में घुसे मलबे से परेशान गिवईंस्रोत क्षेत्र के लोगों ने कोटद्वार तहसील में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से गिवईंस्रोत में आपदा राहत कार्य शुरू करने की मांग की। लोगों ने ऐसा नहीं होने पर तहसील में आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को जलभराव से परेशान गिवईंस्रोत के लोग तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पिछले साल भी बरसात में गिवईंस्रोत गदेेरे के उफान पर आने के कारण उनके घरों में मलबा घुस गया था। इसके कारण उनका पूरा सामान खराब हो गया था। उन्हें राहत शिविर में जाना पड़ा था। तब प्रशासन ने गदेरे में सुरक्षा दीवार बनाकर उनके घरों को आने वाले पानी की रोकथाम का आश्वासन दिया था, लेकिन पूरे साल भर प्रशासन और सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए और न ही उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिया। शनिवार को एक बार फिर से गदेरे का पानी उनके घरों में घुस गया। इसके चलते पूरे घर में मलबा घुुस गया और पूरा सामान खराब हो गया है। चेताया कि उनकी सुध नहीं लेने पर वे सभी अपने परिवार सहित तहसील में पहुंचकर आंदोलन करेंगे।
इस अवसर पर जगत सिंह, मुस्ताक अली, दिल बहादुर, जगत सिंह, नजमा बेगम, त्रिलोक चंद, अनीस अहमद, फखत बहादुर व प्रेम लाल आदि मौजूद थे।
-फोटो
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रविवार को जलभराव से परेशान गिवईंस्रोत के लोग तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पिछले साल भी बरसात में गिवईंस्रोत गदेेरे के उफान पर आने के कारण उनके घरों में मलबा घुस गया था। इसके कारण उनका पूरा सामान खराब हो गया था। उन्हें राहत शिविर में जाना पड़ा था। तब प्रशासन ने गदेरे में सुरक्षा दीवार बनाकर उनके घरों को आने वाले पानी की रोकथाम का आश्वासन दिया था, लेकिन पूरे साल भर प्रशासन और सिंचाई विभाग ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए और न ही उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिया। शनिवार को एक बार फिर से गदेरे का पानी उनके घरों में घुस गया। इसके चलते पूरे घर में मलबा घुुस गया और पूरा सामान खराब हो गया है। चेताया कि उनकी सुध नहीं लेने पर वे सभी अपने परिवार सहित तहसील में पहुंचकर आंदोलन करेंगे।
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इस अवसर पर जगत सिंह, मुस्ताक अली, दिल बहादुर, जगत सिंह, नजमा बेगम, त्रिलोक चंद, अनीस अहमद, फखत बहादुर व प्रेम लाल आदि मौजूद थे।
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