{"_id":"5b4395304f1c1bc6248b5653","slug":"171531155760-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौर ऊर्जा बाड़ को तोड़कर रामपुर गांव में धमका हाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौर ऊर्जा बाड़ को तोड़कर रामपुर गांव में धमका हाथी
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। वन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद सनेह क्षेत्र के रामपुर गांव में हाथी का आतंक बरकरार है। रविवार रात को हाथी को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा लगाई गई सौर ऊर्जा बाड़ को तोड़ते हुए गांव में धमका और जमकर उत्पात मचाया। उसने एक मकान का गेट उखाड़ फेंका और आम के बागीचे में जमकर तोड़फोड़ मचाई। वन कर्मियों ने किसी प्रकार उसे जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी की तोड़फोड़ मचाने से लोगों में भय व्याप्त है, उन्होंने वन विभाग से हाथी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वन विभाग द्वारा सौर ऊर्जा बाड़ लगाए जाने के बाद निश्चित थे। रविवार रात के एक बजे गांव में हाथी के घुसने से अफरा-तफरी मच गई। हाथी ने विक्रम सिंह चौधरी के मकान का गेट उखाड़र फेंक दिया। इसके बाद वह पुुष्कर पाल सिंह रावत के आम के बागीचे में घुस गया और आम के पेड़ों की टहनी तोड़ने लगा। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने बामुश्किल हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि सौर ऊर्जा बाड़ में फाल्ट आने के कारण हाथी उसको तोड़ते हुए गांव में घुस गया था। फाल्ट को ठीक करा दिया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन विभाग द्वारा सौर ऊर्जा बाड़ लगाए जाने के बाद निश्चित थे। रविवार रात के एक बजे गांव में हाथी के घुसने से अफरा-तफरी मच गई। हाथी ने विक्रम सिंह चौधरी के मकान का गेट उखाड़र फेंक दिया। इसके बाद वह पुुष्कर पाल सिंह रावत के आम के बागीचे में घुस गया और आम के पेड़ों की टहनी तोड़ने लगा। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने बामुश्किल हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
विज्ञापन
उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि सौर ऊर्जा बाड़ में फाल्ट आने के कारण हाथी उसको तोड़ते हुए गांव में घुस गया था। फाल्ट को ठीक करा दिया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाई जा रही है।
विज्ञापन