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गमगीम माहौल में हुआ मृतकों का अंतिम संस्कार, कई गांवों में नहीं जले चूल्हे-compat
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार/धुमाकोट। धुमाकोट बस हादसे ने पूरी धुमाकोट घाटी को बुरी तरह झकझोर दिया है। मैरा, भौन, नाला, पोखार, पीपली और अपोला समेत क्षेत्र के 16 गांवों के कई घरों में दो दिन से चूल्हा नहीं जला। हादसे में निर्दोष लोगों की मौत के लिए ग्रामीण नियति और सरकारी मशीनरी को कोस रहे हैं। लगातार दूसरे दिन पूरी घाटी में मातम पसरा रहा। गमगीन माहौल में ग्रामीणों ने मृतकों का अंतिम संस्कार किया। क्षेत्र के श्मशान घाटों पर एक साथ कई चिताए जलने से हर एक की आंख भर आई।
बस हादसे में जान गंवाने वाले मैरा गांव के तोक ग्राम पोखार निवासी मृतक सैनिक विनोद सिंह को उनके पैतृक घाट पर गढ़वाल राइफल्स के लैंसडौन से पहुंचे जवानों की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। मृत सैनिक के साथ उनकी पत्नी सुनीता देवी और छह साल की बेटी अर्चना की चिता भी जली। उनकी एक मात्र तीन साल की बेटी इशिका गड़तोली अस्पताल काशीपुर में मौत और जिंदगी के बीच झूल रही हैं। मैरा के ग्रामीण नौ मृतकों के शव अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले गए, जबकि पोखार के तीन शवों का गांव के पैतृक घाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। मैरा के ग्रामीण जगत सिंह बिष्ट और बृजपाल सिंह बताते हैं कि मैरा गांव में दो दिन से चूल्हे नहीं जले। बस हादसे ने कई घरों को उजाड़ दिया है। ग्राम नाला के एक ही परिवार के तीन सदस्य सोहन सिंह, उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी तथा पुत्र अंकुश की एक साथ चिता जलने से लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बस हादसे ने भौन के नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी बीना देवी, परखंडाई की आरती देवी और उनके बेटे आर्यन को हमेशा के लिए छीन लिया।
नाला गांव के तीन मृतकों के शव उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए काशीपुर ले गए हैं। अन्य गांवों के लोगों ने अपने पैतृक घाटों पर शवों का अंतिम संस्कार किया। घाटों पर श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा इलाका उमड़ गया।
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पूर्व दर्जाधारी कांग्रेस के मुख्य मीडिया समन्वयक धीरेंद्र प्रताप ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और धुमाकोट पहुंचकर घटना पर शोक जताया। उन्होंने शासन से मृतकों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
शिक्षक गोपीचंद को कोठिला कालेज में दी गई श्रद्धांजलि
बीरोंखाल। ब्लॉक के जनता इंटर कालेज कोठिला के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने शोक सभा कर बस हादसे में मारे गए कालेज के प्रवक्ता गोपीचंद को श्रद्धांजलि दी। सोमवार को कालेज परिसर में हुई शोक सभा में प्रधानाचार्य शैलेश खंडूरी समेत पूरे स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने शिक्षक गोपीचंद को श्रद्धांजलि दी। कहा कि शिक्षक गोपीचंद की कमी हमेशा खलती रहेगी। उनके विद्यालय में दिए गए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में अध्यापक प्रेमबल्लभ ध्यानी, विजय रावत, रोशनी, चंद्रमोहन, गीता देवी और कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। शोकसभा के बाद कालेज स्टाफ मृतक शिक्षक गोपीचंद के गांव मैरा पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
बस हादसे में जान गंवाने वाले मैरा गांव के तोक ग्राम पोखार निवासी मृतक सैनिक विनोद सिंह को उनके पैतृक घाट पर गढ़वाल राइफल्स के लैंसडौन से पहुंचे जवानों की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। मृत सैनिक के साथ उनकी पत्नी सुनीता देवी और छह साल की बेटी अर्चना की चिता भी जली। उनकी एक मात्र तीन साल की बेटी इशिका गड़तोली अस्पताल काशीपुर में मौत और जिंदगी के बीच झूल रही हैं। मैरा के ग्रामीण नौ मृतकों के शव अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले गए, जबकि पोखार के तीन शवों का गांव के पैतृक घाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। मैरा के ग्रामीण जगत सिंह बिष्ट और बृजपाल सिंह बताते हैं कि मैरा गांव में दो दिन से चूल्हे नहीं जले। बस हादसे ने कई घरों को उजाड़ दिया है। ग्राम नाला के एक ही परिवार के तीन सदस्य सोहन सिंह, उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी तथा पुत्र अंकुश की एक साथ चिता जलने से लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बस हादसे ने भौन के नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी बीना देवी, परखंडाई की आरती देवी और उनके बेटे आर्यन को हमेशा के लिए छीन लिया।
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नाला गांव के तीन मृतकों के शव उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए काशीपुर ले गए हैं। अन्य गांवों के लोगों ने अपने पैतृक घाटों पर शवों का अंतिम संस्कार किया। घाटों पर श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा इलाका उमड़ गया।
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पूर्व दर्जाधारी कांग्रेस के मुख्य मीडिया समन्वयक धीरेंद्र प्रताप ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और धुमाकोट पहुंचकर घटना पर शोक जताया। उन्होंने शासन से मृतकों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
शिक्षक गोपीचंद को कोठिला कालेज में दी गई श्रद्धांजलि
बीरोंखाल। ब्लॉक के जनता इंटर कालेज कोठिला के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने शोक सभा कर बस हादसे में मारे गए कालेज के प्रवक्ता गोपीचंद को श्रद्धांजलि दी। सोमवार को कालेज परिसर में हुई शोक सभा में प्रधानाचार्य शैलेश खंडूरी समेत पूरे स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने शिक्षक गोपीचंद को श्रद्धांजलि दी। कहा कि शिक्षक गोपीचंद की कमी हमेशा खलती रहेगी। उनके विद्यालय में दिए गए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में अध्यापक प्रेमबल्लभ ध्यानी, विजय रावत, रोशनी, चंद्रमोहन, गीता देवी और कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। शोकसभा के बाद कालेज स्टाफ मृतक शिक्षक गोपीचंद के गांव मैरा पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।