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नींबूचौड़ की शालिनी को मिली यंग आर्टिस्ट फैलोशिप
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कोटद्वार। नींबूचौड़ निवासी शालिनी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार ने यंग आर्टिस्ट फैलोशिप से नवाजा है। उक्त फैलोशिप में भारत सरकार द्वारा प्रत्येक आर्टिस्ट को एक लाख 20 हजार रुपये नकद धनराशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2018-19 के लिए चार सौ यंग कलाकारों की लिस्ट जारी की है, जिसमें शालिनी का नाम शामिल है।
शालिनी ललित कला अकादमी ग्राफिक स्टूडियो लखनऊ में कार्यरत हैं और कला के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। शालिनी को संस्कृति में योगदान के लिए अलग-अलग तरह से प्रतिभाग करने के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। इससे पूर्व 2018 में 84वें ऑल इंडिया आर्ट एग्जिविशन एंड कंपीटीशन में अमृतसर की तरफ से उन्हें अवार्ड ऑफ एक्सीलेंट से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि 2017 में उन्हें लखनऊ वूमेन आर्टिस्ट एग्जीविशन एंड कंपीटीशन की ओर से भी पुरस्कृत किया गया है। 2019 में 27वें नेशनल ऑनलाइन आर्ट कंपीटीशन एंड एग्जीविशन के लिए शालिनी को पहले ही गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। शालिनी ने मेहरबान सिंह कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर से पढ़ाई की। उसके पिता मदन मोहन राठ क्षेत्र में सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और माता महाश्वेता देवी गृहणी हैं।
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शालिनी ललित कला अकादमी ग्राफिक स्टूडियो लखनऊ में कार्यरत हैं और कला के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। शालिनी को संस्कृति में योगदान के लिए अलग-अलग तरह से प्रतिभाग करने के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। इससे पूर्व 2018 में 84वें ऑल इंडिया आर्ट एग्जिविशन एंड कंपीटीशन में अमृतसर की तरफ से उन्हें अवार्ड ऑफ एक्सीलेंट से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि 2017 में उन्हें लखनऊ वूमेन आर्टिस्ट एग्जीविशन एंड कंपीटीशन की ओर से भी पुरस्कृत किया गया है। 2019 में 27वें नेशनल ऑनलाइन आर्ट कंपीटीशन एंड एग्जीविशन के लिए शालिनी को पहले ही गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। शालिनी ने मेहरबान सिंह कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर से पढ़ाई की। उसके पिता मदन मोहन राठ क्षेत्र में सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और माता महाश्वेता देवी गृहणी हैं।
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