{"_id":"5c547667bdec224b7a5546cd","slug":"141549039207-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क बना दी, टूटे रपटों की मरम्मत करना भूले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क बना दी, टूटे रपटों की मरम्मत करना भूले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। पुराने हरिद्वार मार्ग पनियाली-डिग्री कालेज-मवाकोट-कलालघाटी पर क्षेत्रवासी पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार की लापरवाही का खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं। विभाग ने पनियाली से कलालघाटी तक करीब साढ़े आठ किमी सड़क तो बनाकर तैयार कर दी, लेकिन बरसाती नदियों पर पड़ने वाले रपटों की मरम्मत करना भूल गया। नतीजा यह है कि हर रोज इस मार्ग पर दोपहिया वाहन सवार घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पिछली सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पुराने हरिद्वार मार्ग का पनियाली से डिग्री कालेज होते हुए कलालघाटी तक करीब साढ़े आठ किमी सड़क का डामरीकरण करवाया, लेकिन सड़क पर पड़ने वाले बरसाती नदी नालों सुखरो, ग्वालगढ़ और मालन में पुलों का निर्माण नहीं करवाया। इसके अलावा सड़क पर पूर्व में बने रपटों की भी मरम्मत नहीं करवाई। बरसात में नदियों की बाढ़ से ये रपटे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हाल यह है कि सड़क पर आवाजाही तो बरकरार है, लेकिन नदियों पर बने रपटे टूटे पड़े हैं। मानपुर निवासी पूर्व प्रधानाचार्य ओमप्रकाश कंडवाल, टीआर केष्टवाल, केशवानंद ध्यानी व कलालघाटी निवासी दिनेश गौड़ का कहना है कि टूटे रपटों की मरम्मत तो दूर उन्हें समतल कर यातायात के लायक तक नहीं बनाया गया है, जिससे लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं।
पनियाली-डिग्री कालेज-मवाकोट-कलालघाटी मार्ग का निर्माण अप्रैल, 2018 में पूरा हो गया है। सड़क पर सुखरो, ग्वालगढ़ और मालन नदियों पर पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। पुलों के निर्माण का प्रस्ताव होने से रपटों की मरम्मत नहीं की गई है। मौके पर रपटे क्षतिग्रस्त होने के संकेतक, सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
-योगेंद्र सिंह, सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार
मालन, सुखरो और ग्वालगढ़ में पुल निर्माण की प्रथम चरण की स्वीकृति
पनियाली-डिग्री कालेज-मवाकोट-कलालघाटी मार्ग को लछमपुर में प्रस्तावित मेडिकल कालेज के लिए विशेष मार्ग का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा गया है। मालन में 325 मीटर, सुखरो में 90 मीटर और ग्वालगढ़ गदेरे में 30 मीटर आरसीसी डबल लेन (फुटपाथ समेत) के पुलों के निर्माण के लिए प्रथम चरण की मंजूरी मिल गई है। इन पुलों का डिजायन तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में सड़क के रखरखाव का जिम्मा पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार के पास है।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दुगड्डा।
फोटो
विज्ञापन
पिछली सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पुराने हरिद्वार मार्ग का पनियाली से डिग्री कालेज होते हुए कलालघाटी तक करीब साढ़े आठ किमी सड़क का डामरीकरण करवाया, लेकिन सड़क पर पड़ने वाले बरसाती नदी नालों सुखरो, ग्वालगढ़ और मालन में पुलों का निर्माण नहीं करवाया। इसके अलावा सड़क पर पूर्व में बने रपटों की भी मरम्मत नहीं करवाई। बरसात में नदियों की बाढ़ से ये रपटे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हाल यह है कि सड़क पर आवाजाही तो बरकरार है, लेकिन नदियों पर बने रपटे टूटे पड़े हैं। मानपुर निवासी पूर्व प्रधानाचार्य ओमप्रकाश कंडवाल, टीआर केष्टवाल, केशवानंद ध्यानी व कलालघाटी निवासी दिनेश गौड़ का कहना है कि टूटे रपटों की मरम्मत तो दूर उन्हें समतल कर यातायात के लायक तक नहीं बनाया गया है, जिससे लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं।
विज्ञापन
पनियाली-डिग्री कालेज-मवाकोट-कलालघाटी मार्ग का निर्माण अप्रैल, 2018 में पूरा हो गया है। सड़क पर सुखरो, ग्वालगढ़ और मालन नदियों पर पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। पुलों के निर्माण का प्रस्ताव होने से रपटों की मरम्मत नहीं की गई है। मौके पर रपटे क्षतिग्रस्त होने के संकेतक, सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
-योगेंद्र सिंह, सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार
मालन, सुखरो और ग्वालगढ़ में पुल निर्माण की प्रथम चरण की स्वीकृति
पनियाली-डिग्री कालेज-मवाकोट-कलालघाटी मार्ग को लछमपुर में प्रस्तावित मेडिकल कालेज के लिए विशेष मार्ग का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा गया है। मालन में 325 मीटर, सुखरो में 90 मीटर और ग्वालगढ़ गदेरे में 30 मीटर आरसीसी डबल लेन (फुटपाथ समेत) के पुलों के निर्माण के लिए प्रथम चरण की मंजूरी मिल गई है। इन पुलों का डिजायन तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में सड़क के रखरखाव का जिम्मा पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार के पास है।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दुगड्डा।
फोटो