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तैड़िया और पांड गांव के ग्रामीणों ने की विस्थापन की मांग
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:50 PM IST
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कोटद्वार। रिखणीखाल क्षेत्र की ग्राम पांड सेवा समिति ने पांड और तैड़िया के विस्थापन की मांग मुख्यमंत्री से की है। समिति के पदाधिकारियों ने विस्थापन न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में एक पत्र समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा है।
अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद घनसेला ने बताया कि पांड और तैड़िया गांव कार्बेट पार्क से सटे हैं। इसके चलते यहां हमेशा जंगली जानवरों से खतरा बना रहता है। जंगली जानवर उनकी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वर्ष 1998 से ग्रामीण शासन-प्रशासन से विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जंगली जानवरों के आतंक से गांव खाली होते जा रहे हैं। धारा, झिरना, कोठीरौ और लालढांग गांव की तरह वन विभाग को पांड और तैड़िया गांव का विस्थापन करना चाहिए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उक्त दोनों गांवों के विस्थापन की मांग की है।
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अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद घनसेला ने बताया कि पांड और तैड़िया गांव कार्बेट पार्क से सटे हैं। इसके चलते यहां हमेशा जंगली जानवरों से खतरा बना रहता है। जंगली जानवर उनकी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वर्ष 1998 से ग्रामीण शासन-प्रशासन से विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जंगली जानवरों के आतंक से गांव खाली होते जा रहे हैं। धारा, झिरना, कोठीरौ और लालढांग गांव की तरह वन विभाग को पांड और तैड़िया गांव का विस्थापन करना चाहिए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उक्त दोनों गांवों के विस्थापन की मांग की है।
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