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नवजात शिशु की मौत, चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप
Updated Sun, 02 Dec 2018 11:07 PM IST
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कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम द्वारी निवासी एक नवजात शिशु की कोटद्वार बेस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सालय प्रशासन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि चिकित्सकों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाने के बाद सुध नहीं ली। इससे शाम को बच्ची ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
ग्राम द्वारी निवासी सतेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि रविवार सुबह सर्दी अधिक होने के कारण परिजन 18 दिन की नवजात बच्ची की आग से सिकाई कर रहे थे। इस दौरान बच्ची के शरीर में छाले (फफोले) उठने लगे। परिजनों ने उसे यहां बेस अस्पताल में भर्ती कराया। सतेंद्र ने कहा कि वह सुबह दस बजे ही बच्ची को लेकर बेस अस्पताल पहुंच गए थे। इमरजेंसी में दिखाने पर वहां मौजूद चिकित्सक ने बच्ची को इंजेक्शन लगाने के साथ ही एक ट्यूब लगाने को दी। दिन भर बच्ची तड़पती रही, लेकिन कोई भी चिकित्सक बच्ची को देखने नहीं पहुंचा। शाम छह बजे बच्ची की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आईएस सामंत ने कहा कि बच्ची को आग से संक्रमण हो गया था। चिकित्सकों ने बच्ची का उपचार शुरू कर परिजनों को पहले ही बच्ची की हालत नाजुक होने की जानकारी दे दी थी।
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ग्राम द्वारी निवासी सतेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि रविवार सुबह सर्दी अधिक होने के कारण परिजन 18 दिन की नवजात बच्ची की आग से सिकाई कर रहे थे। इस दौरान बच्ची के शरीर में छाले (फफोले) उठने लगे। परिजनों ने उसे यहां बेस अस्पताल में भर्ती कराया। सतेंद्र ने कहा कि वह सुबह दस बजे ही बच्ची को लेकर बेस अस्पताल पहुंच गए थे। इमरजेंसी में दिखाने पर वहां मौजूद चिकित्सक ने बच्ची को इंजेक्शन लगाने के साथ ही एक ट्यूब लगाने को दी। दिन भर बच्ची तड़पती रही, लेकिन कोई भी चिकित्सक बच्ची को देखने नहीं पहुंचा। शाम छह बजे बच्ची की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आईएस सामंत ने कहा कि बच्ची को आग से संक्रमण हो गया था। चिकित्सकों ने बच्ची का उपचार शुरू कर परिजनों को पहले ही बच्ची की हालत नाजुक होने की जानकारी दे दी थी।
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