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मतदाता सूची में नाम न होने से बूथों से बैरंग लौटे 200 लोग
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:47 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार के लिए रविवार को पहली बार हुए चुनाव में वोट देने के लिए उत्साह से बूथों पर गए दो सौ से ज्यादा लोगों को उस वक्त निराशा हाथ लगी, जब उन्हें वोटर लिस्ट में अपने नाम नहीं मिले। इन नागरिकों का कहना है कि वे इस बात की शिकायत उपजिलाधिकारी से कर चुके थे। इससे उन्हें वोटर लिस्ट की संशोधित सूची में नाम शामिल होने की उम्मीद जग गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्हें मतदान स्थल से बैरंग लौटना पड़ा।
कुंभीचौड़ वार्ड नंबर दो में अशोक विल्सन ने बताया कि उनकी पत्नी और बेटे-बहू का नाम वोटर लिस्ट में था, लेकिन उनका स्वयं का नाम नदारद था। मेयर के लिए पहली बार हो रहे चुनाव में वोट डालने वह उत्साहपूर्वक गए, लेकिन मतदान नहीं कर पाए। लता तिवारी व सोहन सहित करीब 40-50 लोगों के नाम सूची से गायब थे। वार्ड नंबर-12 कालाबड़ में भी इस तरह की शिकायतें आम थीं। विनय थपलियाल और उनके परिवार के तीन सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले। वार्ड नंबर-31 पदमपुर मोटाढांक के पूर्व प्रधान तेजपाल पटवाल ने बताया कि उनके वार्ड में सैकड़ों ऐसे लोग थे, जिनका ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में नाम था, लेकिन संशोधित वोटर लिस्ट में परिवार के किसी भी सदस्य का नाम नहीं है। मोटाढांक ट्यूबवेल से लगे पूरी कालोनी के मतदाताओं के नाम ही गायब थे, जबकि वर्षों से मतदान करते आ रहे मेहरवान सिंह, जगमोहन सिंह रावत, बलवीर सिंह रावत, सुंदर सिंह चौधरी, विजय कुमार के नाम भी गायब होने से उन्हें मतदान स्थल से बैरंग ही लौटना पड़ा। निंबूचौड़ निवासी विनोद सिंह ने बताया कि उनके यहां 80 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले।
-फोटो
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कुंभीचौड़ वार्ड नंबर दो में अशोक विल्सन ने बताया कि उनकी पत्नी और बेटे-बहू का नाम वोटर लिस्ट में था, लेकिन उनका स्वयं का नाम नदारद था। मेयर के लिए पहली बार हो रहे चुनाव में वोट डालने वह उत्साहपूर्वक गए, लेकिन मतदान नहीं कर पाए। लता तिवारी व सोहन सहित करीब 40-50 लोगों के नाम सूची से गायब थे। वार्ड नंबर-12 कालाबड़ में भी इस तरह की शिकायतें आम थीं। विनय थपलियाल और उनके परिवार के तीन सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले। वार्ड नंबर-31 पदमपुर मोटाढांक के पूर्व प्रधान तेजपाल पटवाल ने बताया कि उनके वार्ड में सैकड़ों ऐसे लोग थे, जिनका ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में नाम था, लेकिन संशोधित वोटर लिस्ट में परिवार के किसी भी सदस्य का नाम नहीं है। मोटाढांक ट्यूबवेल से लगे पूरी कालोनी के मतदाताओं के नाम ही गायब थे, जबकि वर्षों से मतदान करते आ रहे मेहरवान सिंह, जगमोहन सिंह रावत, बलवीर सिंह रावत, सुंदर सिंह चौधरी, विजय कुमार के नाम भी गायब होने से उन्हें मतदान स्थल से बैरंग ही लौटना पड़ा। निंबूचौड़ निवासी विनोद सिंह ने बताया कि उनके यहां 80 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले।
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