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व्यापारी की मौत से भड़के परिजनों ने बेस अस्पताल में काटा हंगामा
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:51 PM IST
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कोटद्वार। डाक्टरों की लापरवाही के चलते मंगलवार को बेस अस्पताल के इमरजेंसी में गंभीर रूप में इलाज कराने पहुंचे एक व्यापारी ने पांच घंटे तक ओपीडी की लाइन में लगने के बाद तड़फकर दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सालय में जमकर हंगामा काटा। परिजनों की शिकायत पर सीएमएस ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति स्वास्थ्य निदेशक से की है।
उमानंद बड़थ्वाल मार्ग निवासी व्यापारी प्रकाश चौधरी ने बताया कि उनके बड़े भाई सुभाष चौधरी की तबियत बिगड़ने पर वे उन्हें सुबह आठ बजे चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद भी आराम न मिलने पर उन्हें पर्ची बनाकर फिजिशियन डा. जेसी ध्यानी को दिखाने को कह दिया। परिजन पर्ची बनाकर फिजिशियन को दिखाने के लिए लाइन में लग गए। पर्ची में उनका 40वां नंबर था। वे गंभीर हालत में चार घंटे तक लाइन में लगे रहे। इस बीच उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इलाज में देरी होने से उनके भाई ने दोपहर तीन बजे चिकित्सालय में ही दम तोड़ दिया। आरोप है कि चिकित्सक ने मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद फिजीशियन को इमरजेंसी में बुलाने के बजाय उन्हें ओपीडी लाइन में खड़ा करवा दिया। चिकित्सक ने उन्हें रेफर भी नहीं किया।
व्यापारी की मौत के बाद भड़के परिजनों और व्यापारियों ने चिकित्सालय में हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल को बंद कराने का प्रयास भी किया। परिजनों का हंगामा बढ़ता देख चिकित्सालय प्रशासन ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। मामले में मृतक व्यापारी सुभाष चौधरी के छोटे भाई प्रकाश चौधरी की ओर से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ लिखित शिकायत की गई।
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इधर, सीएमएस डा. आईएस सामंत ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद चिकित्सक ने मामले में लापरवाही बरती और संबंधित चिकित्सक को नहीं बुलाया। मामले में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति स्वास्थ्य निदेशक से की जा रही है।
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उमानंद बड़थ्वाल मार्ग निवासी व्यापारी प्रकाश चौधरी ने बताया कि उनके बड़े भाई सुभाष चौधरी की तबियत बिगड़ने पर वे उन्हें सुबह आठ बजे चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद भी आराम न मिलने पर उन्हें पर्ची बनाकर फिजिशियन डा. जेसी ध्यानी को दिखाने को कह दिया। परिजन पर्ची बनाकर फिजिशियन को दिखाने के लिए लाइन में लग गए। पर्ची में उनका 40वां नंबर था। वे गंभीर हालत में चार घंटे तक लाइन में लगे रहे। इस बीच उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इलाज में देरी होने से उनके भाई ने दोपहर तीन बजे चिकित्सालय में ही दम तोड़ दिया। आरोप है कि चिकित्सक ने मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद फिजीशियन को इमरजेंसी में बुलाने के बजाय उन्हें ओपीडी लाइन में खड़ा करवा दिया। चिकित्सक ने उन्हें रेफर भी नहीं किया।
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व्यापारी की मौत के बाद भड़के परिजनों और व्यापारियों ने चिकित्सालय में हंगामा काटना शुरू कर दिया। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल को बंद कराने का प्रयास भी किया। परिजनों का हंगामा बढ़ता देख चिकित्सालय प्रशासन ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। मामले में मृतक व्यापारी सुभाष चौधरी के छोटे भाई प्रकाश चौधरी की ओर से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ लिखित शिकायत की गई।
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इधर, सीएमएस डा. आईएस सामंत ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद चिकित्सक ने मामले में लापरवाही बरती और संबंधित चिकित्सक को नहीं बुलाया। मामले में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति स्वास्थ्य निदेशक से की जा रही है।