{"_id":"5c12881242c7925d590f4430","slug":"11544718354-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो सूत्री मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर भड़के अस्पताल के फार्मासिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो सूत्री मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर भड़के अस्पताल के फार्मासिस्ट
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। अपनी दो सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने से भड़के राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार के फार्मेसिस्टों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बृहस्पतिवार को दिनभर काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए उनकी मांगों पर नौ जनवरी तक कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार सुबह चीफ फार्मेसिस्ट बीपी नौटियाल के नेतृत्व में सभी फार्मेसिस्ट बेस अस्पताल में एकत्र हुए। उन्होंने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि वर्षों से वे सरकार से फार्मेसिस्टों की पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। कहा कि उनको वेतन तो मिल रहा है, लेकिन उनकी पदोन्नति नहीं की जा रही है। फार्मेसिस्ट वर्षों से सरकार से उनकी जायज मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इसके कारण फार्मेसिस्टों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल काटी पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों का विरोध किया जा रहा है, लेकिन नौ जनवरी तक इस पर सकारात्मक कार्रवाई न होने पर संगठन के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मेसिस्ट पूर्णकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस अवसर पर डीपी रतूड़ी, डीसी मिश्रा, सुभाष कोटनाला, विनोद कुकशाल, आनंद सिंह सजवाण, गिरीश रतूड़ी, चंद्रशेखर आजाद व डीएस नेगी आदि मौजूद थे।
-फोटो
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह चीफ फार्मेसिस्ट बीपी नौटियाल के नेतृत्व में सभी फार्मेसिस्ट बेस अस्पताल में एकत्र हुए। उन्होंने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि वर्षों से वे सरकार से फार्मेसिस्टों की पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। कहा कि उनको वेतन तो मिल रहा है, लेकिन उनकी पदोन्नति नहीं की जा रही है। फार्मेसिस्ट वर्षों से सरकार से उनकी जायज मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इसके कारण फार्मेसिस्टों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल काटी पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों का विरोध किया जा रहा है, लेकिन नौ जनवरी तक इस पर सकारात्मक कार्रवाई न होने पर संगठन के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मेसिस्ट पूर्णकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर डीपी रतूड़ी, डीसी मिश्रा, सुभाष कोटनाला, विनोद कुकशाल, आनंद सिंह सजवाण, गिरीश रतूड़ी, चंद्रशेखर आजाद व डीएस नेगी आदि मौजूद थे।
-फोटो