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कार्बेट की तर्ज पर कर सकेंगे लैंसडौन वन प्रभाग की सैर
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:49 PM IST
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कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के वतनवासा-हल्दूखाल पर्यटन जोन की तरह अब पर्यटक जंगल सफारी वाहनों से लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों की भी सैर कर सकेंगे। लैंसडौन वन प्रभाग ने पर्यटकों के लिए कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी जोन को खोल दिया है। इससे जहां वन विभाग को वन विश्राम गृहों से आमदनी प्राप्त होगी, वहीं पर्यटकों को प्रकृति और वन्यजीवों के दीदार हो सकेंगे। नए खोले गए इस जोन में वन विभाग की ओर से डे-विजिट और नाइट स्टे सुविधा की बुकिंग शुरू कर दी गई है।
43327.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला लैंसडौन वन प्रभाग का अधिकतर क्षेत्र हाथी बहुल है। यहां हाथियों के साथ बाघ, गुलदार (तेंदुआ), हिरन और अन्य वन्यजीव काफी संख्या में हैं। 27 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कोटद्वार से कार्बेट की सैर के लिए दो द्वारों का शुभारंभ किया था। इसी तर्ज पर वन मंत्री ने पर्यटकों के लिए लैंसडौन प्रभाग के कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी पर्यटन जोन को खोलने की घोषणा की है।
अधिकारियों का कहना है कि कोल्हूचौड़-चौखम और नौड़ी वन क्षेत्र में पर्यटक दिन में सैर कर प्रकृति और वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। इस दौरान किसी प्रकार के आग्नेय अस्त्र-शस्त्र और ज्वलनशील पदार्थ, नशे की वस्तुएं ले जाने पर पाबंदी रहेगी। हाथी बहुल क्षेत्र होने के कारण पर्यटकों को दिवसीय भ्रमण (डे-विजिट) के दौरान दिन में डेढ़ बजे तक जंगल से लौटना होगा क्योंकि इसके बाद हाथियों का खतरा पैदा हो सकता है।
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कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी रूट के लिए यहां करें बुकिंग
लैंसडौन वन प्रभाग में सैर करने के लिए विभाग ने सीटीआर के स्वागत कक्ष में ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था की है। यहां बाकायदा एक बुकिंग क्लर्क को तैनात किया गया है। कोटद्वार से चौखम वन विश्राम गृह 25 किमी, नौड़ी 46 किमी, जबकि कोल्हूचौड़ वन विश्राम गृह की दूरी 19 किमी है। इस जोन में डे विजिट (दिवसीय भ्रमण) का 100 रुपया प्रति व्यक्ति और 250 रुपया प्रति वाहन रोड टैक्स लिया जाएगा। रात्रि विश्राम के लिए कोल्हूचौड़ गेस्ट हाउस का 1000 रुपये, नौड़ी गेस्ट हाउस और चौखंभ गेस्ट हाउस का 750 रुपया प्रति कमरा किराया रखा गया है।
कोट
वन प्रभाग के तीन गेस्ट हाउसों और कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी जोन को पर्यटकों के लिए दिवसीय भ्रमण (डे विजिट)और रात्रि विश्राम (नाइट स्टे) के लिए खोल दिया गया है। सीटीआर स्वागत कक्ष से इसकी बुकिंग प्रारंभ कर दी गई है। - संतराम, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग
- फोटो-
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43327.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला लैंसडौन वन प्रभाग का अधिकतर क्षेत्र हाथी बहुल है। यहां हाथियों के साथ बाघ, गुलदार (तेंदुआ), हिरन और अन्य वन्यजीव काफी संख्या में हैं। 27 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कोटद्वार से कार्बेट की सैर के लिए दो द्वारों का शुभारंभ किया था। इसी तर्ज पर वन मंत्री ने पर्यटकों के लिए लैंसडौन प्रभाग के कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी पर्यटन जोन को खोलने की घोषणा की है।
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अधिकारियों का कहना है कि कोल्हूचौड़-चौखम और नौड़ी वन क्षेत्र में पर्यटक दिन में सैर कर प्रकृति और वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। इस दौरान किसी प्रकार के आग्नेय अस्त्र-शस्त्र और ज्वलनशील पदार्थ, नशे की वस्तुएं ले जाने पर पाबंदी रहेगी। हाथी बहुल क्षेत्र होने के कारण पर्यटकों को दिवसीय भ्रमण (डे-विजिट) के दौरान दिन में डेढ़ बजे तक जंगल से लौटना होगा क्योंकि इसके बाद हाथियों का खतरा पैदा हो सकता है।
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कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी रूट के लिए यहां करें बुकिंग
लैंसडौन वन प्रभाग में सैर करने के लिए विभाग ने सीटीआर के स्वागत कक्ष में ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था की है। यहां बाकायदा एक बुकिंग क्लर्क को तैनात किया गया है। कोटद्वार से चौखम वन विश्राम गृह 25 किमी, नौड़ी 46 किमी, जबकि कोल्हूचौड़ वन विश्राम गृह की दूरी 19 किमी है। इस जोन में डे विजिट (दिवसीय भ्रमण) का 100 रुपया प्रति व्यक्ति और 250 रुपया प्रति वाहन रोड टैक्स लिया जाएगा। रात्रि विश्राम के लिए कोल्हूचौड़ गेस्ट हाउस का 1000 रुपये, नौड़ी गेस्ट हाउस और चौखंभ गेस्ट हाउस का 750 रुपया प्रति कमरा किराया रखा गया है।
कोट
वन प्रभाग के तीन गेस्ट हाउसों और कोल्हूचौड़-चौखम-नौड़ी जोन को पर्यटकों के लिए दिवसीय भ्रमण (डे विजिट)और रात्रि विश्राम (नाइट स्टे) के लिए खोल दिया गया है। सीटीआर स्वागत कक्ष से इसकी बुकिंग प्रारंभ कर दी गई है। - संतराम, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग
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