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अविलंब जारी हो शत-प्रतिशत स्थानांतरण सूची
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने स्थानांतरण एक्ट के तहत शत-प्रतिशत स्थानांतरण करने की मांग उठाई है। संघ के कार्यालय में बुधवार को जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में शत-प्रतिशत स्थानांतरण सूची अविलंब जारी करने की मांग की गई।
बैठक मेेेें वक्ताओं ने कहा कि स्थानांतरण एक्ट लागू किए जाने से शिक्षकों में एक उम्मीद बंधी थी। जुलाई माह आधा बीतने को है, लेकिन अभी तक स्थानांतरण लिस्ट जारी न होने से शिक्षकों में शासन और विभाग के प्रति गहरा रोष है। शिक्षकों ने कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने के बावजूद कई शिक्षक विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों को निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार शिक्षण व्यवस्था में सुधार के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में अविलंब स्थानांतरण सूची जारी कर शत-प्रतिशत स्थानांतरण करने, पदोन्नति में शिथिलीकरण लागू कर प्रति वर्ष शिक्षकों की पदोन्नति करने, पचास फीसदी पदों पर सीधी भर्ती करने के बजाय कार्यरत शिक्षकों को ही एलटी/प्रवक्ता संवर्ग में मौका देने, छात्रों को मिलने वाली निशुल्क पुस्तकें अविलंब वितरित करने, सातवें वेतनमान का एरियर देने व वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल है। बैठक में अव्वल सिंह रावत, डबल सिंह, रवींद्र रावत, जयदीप रावत, पंकज ध्यानी, सुमनलता रावत, रतन बिष्ट, राजेश कुकरेती, लक्ष्मण रावत, राजेंद्र भंडारी, मनमोहन सिंह रौतेला, रतन रावत, विजेंद्र बिष्ट, बलवीर सिंह नेगी, मनोज रावत, आशीष खर्कवाल व अनीता रावत आदि ने विचार रखे।
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बैठक मेेेें वक्ताओं ने कहा कि स्थानांतरण एक्ट लागू किए जाने से शिक्षकों में एक उम्मीद बंधी थी। जुलाई माह आधा बीतने को है, लेकिन अभी तक स्थानांतरण लिस्ट जारी न होने से शिक्षकों में शासन और विभाग के प्रति गहरा रोष है। शिक्षकों ने कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने के बावजूद कई शिक्षक विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों को निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार शिक्षण व्यवस्था में सुधार के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में अविलंब स्थानांतरण सूची जारी कर शत-प्रतिशत स्थानांतरण करने, पदोन्नति में शिथिलीकरण लागू कर प्रति वर्ष शिक्षकों की पदोन्नति करने, पचास फीसदी पदों पर सीधी भर्ती करने के बजाय कार्यरत शिक्षकों को ही एलटी/प्रवक्ता संवर्ग में मौका देने, छात्रों को मिलने वाली निशुल्क पुस्तकें अविलंब वितरित करने, सातवें वेतनमान का एरियर देने व वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल है। बैठक में अव्वल सिंह रावत, डबल सिंह, रवींद्र रावत, जयदीप रावत, पंकज ध्यानी, सुमनलता रावत, रतन बिष्ट, राजेश कुकरेती, लक्ष्मण रावत, राजेंद्र भंडारी, मनमोहन सिंह रौतेला, रतन रावत, विजेंद्र बिष्ट, बलवीर सिंह नेगी, मनोज रावत, आशीष खर्कवाल व अनीता रावत आदि ने विचार रखे।
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