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आईआईटी प्रोफेसर ने ढूंढ निकाली कैंसर की दवा
अमर उजाला/दीपक मिश्रा, रुड़की
Updated Sat, 05 Oct 2013 08:47 AM IST
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आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक का दावा है कि उन्होंने ऐसे पाउडर का निर्माण किया है जो कैंसर के इलाज में प्रभावी होगा।
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यदि क्लीनिकल ट्रायल में उनके द्वारा निर्मित ‘फेराइट’ पाउडर पास हो गया तो इसे इंजेक्शन के जरिए प्रभावित कोशिकाओं तक पहुंचाकर अपेक्षाकृत अधिक प्रभावशाली तरीके से इलाज किया जा सकेगा।
पाउडर बनाने वाले आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केएल यादव का कहना है कि प्रयोगशाला में इसका प्रयोग कारगर रहा है, लेकिन क्लीनिकल परीक्षण बाकी है। इसके लिए एम्स, दिल्ली से आग्रह किया जाएगा।
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कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने की कोशिश
बकौल डाक्टर यादव, कैंसर का उपचार तीन तरह से किया जा रहा है। इसमें कीमोथेरैपी, रेडियोथेरेपी और ऑपरेशन है। कुछ मामलों में तीनों प्रक्रिया अपनाई जाती है। जबकि कुछ में रेडियोथेरेपी के जरिये ही कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने की कोशिश की जाती है।
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उनका दावा है कि रेडियोथेरेपी के पहले फेराइट पाउडर के इस्तेमाल से अपेक्षाकृत कम समय में प्रभावी इलाज संभव है। नैनोमैटेरियल फेराइट पाउडर को कोबाल्ट, आयरन, बिस्मथ, निकिल, क्रोमियम मिलाकर बनाया गया है।
कैसे होगा उपचार
फेराइट पाउडर को रेडिएशन देने से पूर्व शरीर के उस भाग पर इंजेक्ट किया जाएगा, जहां पर कैंसर का ट्यूमर हो। इसके बाद उस भाग पर रेडिएशन दिया जाएगा। रेडिएशन पड़ते ही अपनी गुणवत्ता की वजह से ट्यूमर के हिस्से में मौजूद पाउडर गर्म हो जाएगा। इससे कैंसर सेल जलकर नष्ट हो जाएंगे।
नुकसान भी कम
शोधकर्ता का दावा है कि फेराइट पाउडर को इंजेक्ट करने के बाद प्रभावित हिस्से में अपेक्षाकृत कम रेडिएशन देने की जरूरत पड़ेगी। इसके शरीर को रेडिएशन से पहुंचने वाला नुकसान भी कम होगा। सामान्यतया जब कैंसर रोगी को रेडियोथरेपी दी जाती है तो शरीर के कैंसर सेल्स के साथ ही शरीर को ग्रोथ देने वाली कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं। इसका शरीर में कमजोरी आ जाती है। बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।