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हेमकुंड साहिबः सेवादारों ने सरकार को दिखाया आइना
अमर उजाला, विजय बमोला, जोशीमठ (चमोली)
Updated Tue, 17 Sep 2013 09:22 AM IST
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सरकार भले ही हेमकुंड साहिब जाने वाला पैदल रास्ता न तैयार कर पाई लेकिन सेवादारों ने यह कर दिखाया है।
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एक ओर जहां हेमकुंड साहिब मुख्यग्रंथी और 30 सेवादार हेमकुंड साहिब तक पहुंच गए हैं, वहीं सेवादारों ने पूरी तरह ध्वस्त रास्ते को अपनी मेहनत से चलने लायक बना लिया है। इससे पैदल रास्ते की दूरी एक किमी बढ़ गई है। 21 सितंबर को जोशीमठ से श्रद्धालुओं का जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना किया जाएगा।
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22 सितंबर को हेमकुंड साहिब में सुखमणी साहिब के पाठ के साथ अरदास होगी। सोमवार को मुख्यग्रंथी जस्सा सिंह के साथ गोविंदधाम घांघरिया के मैनेजर गुरुनाम सिंह ने सोमवार को सेवादारों के साथ पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही दस घोडे़-खच्चरों में हेमकुंड साहिब आवश्यक सामग्री भी पहुंचा दी गई है।
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कैसे पहुंचेंगे हेमकुंड साहिब
जोशीमठ से 20 किमी गोविंदघाट तक हल्के वाहनों की आवाजाही लायक रास्ता बना लिया गया है। इसके बाद का दुर्गम रास्ता पैदल ही तय करना होगा। गोविंदघाट से 14 किमी घांघरिया तक (एक किमी की बढ़ी दूरी) पैदल यात्रा तय करनी होगी।
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गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि घांघरिया में सिर्फ 500 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। घांघरिया से हेमकुंड साहिब की दूरी 6 किमी है। घांघरिया से तीर्थयात्रियों का जत्था दिन में हेमकुंड साहिब जाकर मत्था टेकने के बाद फिर घांघरिया लौट आएगा। तीर्थयात्रियों के पांच-पांच सौ के जत्थे को ही हेमकुंड साहिब तक जाने दिया जाएगा।
सेवादारों ने किया वैकल्पिक रास्ते का निर्माण
हेमकुंड साहिब यात्रा का दूसरा पड़ाव गोविंदघाट से घांघरिया 13 किमी पैदल है। इस पेंच पर जंगलचट्टी से भ्यूंडार के बीच जेड आकार का रास्ता पूरी तरह से ध्वस्त है। जिससे यहां पर लोनिवि और सिख समुदाय के 17 सेवादारों ने वैकल्पिक पैदल रास्ते का निर्माण कर दिया है।
लेकिन इससे एक किमी की दूरी बढ़ जाएगी। फिलहाल, मामूली बारिश इस रास्ते को फिसलन और जोखिम भरा बना रही है।
जोशीमठ में ठहरना होगा
आपदा के बाद गोविंदघाट में ठहरने के लिए तीर्थयात्रियों को होटल, लॉज नहीं मिलेंगे। जिसके चलते तीर्थयात्रियों को रात्रि निवास के लिए जोशीमठ रुकना होगा। यहां से 500-500 के जत्थे में तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए भेजे जाएंगे।
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