बागी विधायकों पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, 9 मई को आएगा फैसला
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कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में हाईकोर्ट में दायर याचिका पर शनिवार को दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट इस प्रकरण पर नौ मई को सुबह 10:15 बजे फैसला सुनाएगा।
बागी विधायकों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम व दिनेश द्विवेदी ने सीएम के पत्र का हवाला देते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई को आधारहीन साबित करने की कोशिश की तो स्पीकर की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल व अमित सिब्बल ने वीडियो फुटेज दिखाकर नौ विधायकों के बागी होने का सबूत पेश किया।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बागी विधायकों का पक्ष रखते हुए सीए सुंदरम ने 26 मार्च को मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल को दिए पत्र का हवाला दिया, जिसमें 18 मार्च को विनियोग विधेयक का पास होना और कांग्रेस के नौ विधायकों का स्वेच्छा से पार्टी छोड़ना समेत अन्य बिंदुओं को लिखा गया है।
27 मार्च को स्पीकर ने रद्द की थी सदस्यता
याची की ओर से स्पीकर की सीडी को भी पेश किया गया। मालूम हो कि बागी विधायक सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल व प्रदीप बत्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 27 मार्च को स्पीकर की ओर से उनकी सदस्यता को समाप्त करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
27 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी। मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्पीकर से सिफारिश की थी। हरीश रावत की याचिका पर सुनवाई के बाद स्पीकर ने सभी नौ विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी। गौरतलब है कि 27 मार्च को ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था