स्टिंग बढ़ाएगा रावत की परेशानी, सोमवार को CBI करेगी पूछताछ
- - उत्तराखंड स्टिंग टेप की जांच रावत के लिए खड़ी कर सकती है गंभीर मुसीबत
- - सीबीआई ने कांग्रेस के उस बागी नेता की भी कर ली है पहचान जिससे रावत ने की थी बातचीत
- - स्टिंग करने वाले कथित पत्रकार ने फ्लोर टेस्ट के लिए पर्दे के पीछे चल रहे मैनेजमेंट के बारे में एजेंसी को दी जानकारी
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बागी विधायकों को कथित तौर पर पैसे की पेशकश करने संबंधी स्टिंग टेप की सीबीआई जांच हरीश रावत के लिए गंभीर मुसीबत खड़ी कर सकती है। एजेंसी ने इस मामले में पूछताछ के लिए पूर्व मुख्यमंत्री को सोमवार को दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने का समन भेजा है। सीबीआई के मुताबिक फोरेंसिक जांच से यह तय हो गया है कि हरीश रावत की ओर से पैसे की पेशकश संबंधी टेप असली है।
सीबीआई ने स्टिंग करने वाले कथित पत्रकार उमेश कुमार के फोन कॉल डिटेल से यह भी पता कर लिया है कि रावत किस बागी विधायक से बातचीत कर रहे थे। एजेंसी उस विधायक को भी पूछताछ के लिए जल्द ही बुलाने वाली है।
सीबीआई ने 29 अप्रैल को इस मामले में प्रिलिमनरी एनक्वायरी (पीई) दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने वाले उमेश कुमार से पूछताछ की जा चुकी है। उमेश ने सीबीआई को 70 विधायकों वाली उत्तराखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए पर्दे के पीछे होने वाले मैनेजमेंट के बारे में विस्तार से बताया है।
रावत स्वीकार कर चुके हैं टेप में होने की बात
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रावत को चुनौती देने वाले विपक्षी दल भाजपा ने यह टेप सार्वजनिक किया था। उस दौरान कांग्रेस के नौ बागी नेताओं ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन स्पीकर के फ्लोर टेस्ट के आदेश ने भाजपा की रणनीति को झटका दे दिया।
उधर टेप सार्वजनिक होने और राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दी गई। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। टेप से उठे सियासी बवाल पर रावत ने पहले टेप को ही फर्जी करार दिया था। लेकिन बाद ने उन्होंने बयान दिया कि किसी पत्रकार से मुलाकात कर बातचीत करना गुनाह नहीं है।