{"_id":"5e2887558ebc3e4b37680b5a","slug":"workers-stalled-due-to-strike-haridwar-news-drn3336671105","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारिचों की हड़ताल से काम रहे ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारिचों की हड़ताल से काम रहे ठप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले किए गए धरने प्रदर्शन में समस्त विभागों के इंजीनियर, डिप्लोमा इंजीनियर, डिप्लोमा फार्मासिस्ट, मिनीस्ट्रीयल, कलक्ट्रेट के अधिकारियों के अलावा अन्य कर्मचारी, स्टेनों, कुछ शिक्षक शामिल हुए। इससे विकास भवन के अंतर्गत शिक्षा विभाग, कलक्ट्रेट, एआरटीओ, सीएमओ कार्यालय, आरईएस, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग में कामकाज ठप रहा। इससे विभागों में पहुंचे फरियादियों को निराश लौटना पड़ा।
बुधवार को कई विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन के दौरान विकास भवन में समाज कल्याण में पेंशन, कृषि विभाग कार्यालय में सब्सिडी के साथ अन्य विभागों में पहुंचे लोगों के काम नहीं हो सके। हड़ताल का सबसे बड़ा असर एआरटीओ कार्यालय पर पड़ा। कार्यालय में लाइसेंस, वाहनों के पंजीकरण कराने आदि के कार्य कराने पहुंचे आवेदकों को निराश होकर लौटना पड़ा। यही हाल कलक्ट्रेट में भी देखने को मिला। स्टेनों के हड़ताल में शामिल होने से आदेशों की फाइल तैयार नहीं हो सकी और आमजन के कार्य भी नहीं हो सके। ऐसे में यहां पहुंचे लोगों को भी निराशा ही हाथ लगी। सीएमओ कार्यालय में तो विभागीय कार्य भी नहीं हो सके। उधर, फार्मासिस्टों के हड़ताल में शामिल होने से इमरजेंसी के अलावा अस्पतालों में मरीजों के उपचार कराने में परेशानी हुई।
फोटो समाचार ............
मांगें मनवाने को धरने पर बैठे अधिकारी कर्मचारी
अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले आठ सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादराबाद। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले रोशनाबाद कलक्ट्रेट परिसर में हड़ताल कर अधिकारियों व कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने में उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन, राजकीय वाहन चालक महासंघ, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट महासंघ, सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ आदि के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे। उन्होंने मांगे न माने जाने पर 27 जनवरी को देहरादून में महारैली करने की चेतावनी दी। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर स्मिता परमार ने उनका ज्ञापन लिया।
विज्ञापन
बुधवार को कलक्ट्रेट में अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के जिला मुख्य संयोजक कृष्ण चंद्र शर्मा ने कहा कि लंबे अरसे से प्रदेश के समस्त कर्मचारी अपनी आठ सूत्री जायज मांगों को शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि प्रदेश की सरकार शीघ्र ही कर्मचारियों की मांगों के संबंध में शासनादेश जारी नहीं करती तो आगामी 27 जनवरी को प्रदेश की राजधानी देहरादून में महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती तो प्रदेश के समस्त कर्मचारी किसी भी वक्त अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से नहीं हिचकेंगे। उत्तरांचल मिनिस्ट्रियल फेडरेशन सर्विसेज के संरक्षक शंकर श्रीवास्तव और जटाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी सरकार की रीढ होते हैं। यदि सरकार उनकी जायज मांगों को मानने में हीलाहवाली करती है तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक राजपूत ने की। इस अवसर पर रेशम सिंह, सईद अहमद, नाथीराम शर्मा, अनिल चौधरी, बृजेश कुमार, पीएस पंवार, रोहित शर्मा, विपिन सैनी, राजेश कुमार, प्रीति भटनागर, शेखर जोशी, प्रदीप सैनी, शशि चौहान, मनीषा धीमा, पुष्पा जोशी, मयूरी गौतम, किरण रावत, बीना पंत, ललित मोहन जोशी, अनिल चौधरी, विपिन सैनी, दीपक राजपूत, प्रदीप चौहान, विनोद कांत भट्ट, इमरान अंसारी, रेवती सिंह, फुरकान अहमद, सत्यपाल रावत आदि मौजूद थे।
समिति की ये हैं आठ सूत्री मांगें
1- वर्तमान में पदोन्नति पर लगी रोक को तत्काल हटाई जाए।
2- यू-हेल्थ कार्ड की सुविधा केंद्र सरकार की तर्ज पर की जाए।
3- अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था यथावत लागू हो।
4- प्रदेश में पूरे सेवाकाल में न्यूनतम 3 पदोन्नति की जाए।
5- एक अक्तूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र बहाल हो।
6- स्थानांतरण अधिनियम में राज्य के कार्मिकों जिनकी सेवानिवृत्ति एक वर्ष शेष हो, को ऐच्छिक स्थान पर नियुक्त किया जाए।
7- इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन विसंगति समिति की ओर से शासन को प्रेषित रिपोर्ट में कर्मचारी विरोधी निर्णयों को लागू न किया जाए।
8- विभिन्न संवर्गीय संगठनों के साथ किए गए समझौतों के अनुरूप शासनादेश जारी किए जाए।
विज्ञापन
बुधवार को कई विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन के दौरान विकास भवन में समाज कल्याण में पेंशन, कृषि विभाग कार्यालय में सब्सिडी के साथ अन्य विभागों में पहुंचे लोगों के काम नहीं हो सके। हड़ताल का सबसे बड़ा असर एआरटीओ कार्यालय पर पड़ा। कार्यालय में लाइसेंस, वाहनों के पंजीकरण कराने आदि के कार्य कराने पहुंचे आवेदकों को निराश होकर लौटना पड़ा। यही हाल कलक्ट्रेट में भी देखने को मिला। स्टेनों के हड़ताल में शामिल होने से आदेशों की फाइल तैयार नहीं हो सकी और आमजन के कार्य भी नहीं हो सके। ऐसे में यहां पहुंचे लोगों को भी निराशा ही हाथ लगी। सीएमओ कार्यालय में तो विभागीय कार्य भी नहीं हो सके। उधर, फार्मासिस्टों के हड़ताल में शामिल होने से इमरजेंसी के अलावा अस्पतालों में मरीजों के उपचार कराने में परेशानी हुई।
विज्ञापन
फोटो समाचार ............
मांगें मनवाने को धरने पर बैठे अधिकारी कर्मचारी
अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले आठ सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादराबाद। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले रोशनाबाद कलक्ट्रेट परिसर में हड़ताल कर अधिकारियों व कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने में उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन, राजकीय वाहन चालक महासंघ, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट महासंघ, सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ आदि के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे। उन्होंने मांगे न माने जाने पर 27 जनवरी को देहरादून में महारैली करने की चेतावनी दी। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर स्मिता परमार ने उनका ज्ञापन लिया।
विज्ञापन
बुधवार को कलक्ट्रेट में अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के जिला मुख्य संयोजक कृष्ण चंद्र शर्मा ने कहा कि लंबे अरसे से प्रदेश के समस्त कर्मचारी अपनी आठ सूत्री जायज मांगों को शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि प्रदेश की सरकार शीघ्र ही कर्मचारियों की मांगों के संबंध में शासनादेश जारी नहीं करती तो आगामी 27 जनवरी को प्रदेश की राजधानी देहरादून में महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती तो प्रदेश के समस्त कर्मचारी किसी भी वक्त अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से नहीं हिचकेंगे। उत्तरांचल मिनिस्ट्रियल फेडरेशन सर्विसेज के संरक्षक शंकर श्रीवास्तव और जटाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी सरकार की रीढ होते हैं। यदि सरकार उनकी जायज मांगों को मानने में हीलाहवाली करती है तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक राजपूत ने की। इस अवसर पर रेशम सिंह, सईद अहमद, नाथीराम शर्मा, अनिल चौधरी, बृजेश कुमार, पीएस पंवार, रोहित शर्मा, विपिन सैनी, राजेश कुमार, प्रीति भटनागर, शेखर जोशी, प्रदीप सैनी, शशि चौहान, मनीषा धीमा, पुष्पा जोशी, मयूरी गौतम, किरण रावत, बीना पंत, ललित मोहन जोशी, अनिल चौधरी, विपिन सैनी, दीपक राजपूत, प्रदीप चौहान, विनोद कांत भट्ट, इमरान अंसारी, रेवती सिंह, फुरकान अहमद, सत्यपाल रावत आदि मौजूद थे।
समिति की ये हैं आठ सूत्री मांगें
1- वर्तमान में पदोन्नति पर लगी रोक को तत्काल हटाई जाए।
2- यू-हेल्थ कार्ड की सुविधा केंद्र सरकार की तर्ज पर की जाए।
3- अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था यथावत लागू हो।
4- प्रदेश में पूरे सेवाकाल में न्यूनतम 3 पदोन्नति की जाए।
5- एक अक्तूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र बहाल हो।
6- स्थानांतरण अधिनियम में राज्य के कार्मिकों जिनकी सेवानिवृत्ति एक वर्ष शेष हो, को ऐच्छिक स्थान पर नियुक्त किया जाए।
7- इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन विसंगति समिति की ओर से शासन को प्रेषित रिपोर्ट में कर्मचारी विरोधी निर्णयों को लागू न किया जाए।
8- विभिन्न संवर्गीय संगठनों के साथ किए गए समझौतों के अनुरूप शासनादेश जारी किए जाए।